दो युवक गिरफ्तार, दो नाबालिग अभिरक्षा में; छात्रों को धमकाने में इस्तेमाल दो बाइक और हॉकी स्टिक जब्त
खुर्सीपार क्षेत्र में स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को रास्ते में रोककर मारपीट, गाली-गलौज और शराब पीने के लिए पैसे वसूलने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित जांच कर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वारदात में शामिल दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और एक हॉकी स्टिक भी बरामद की गई है।
दुर्ग-भिलाई। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में स्कूली छात्रों को डराकर उनसे जबरन पैसे वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि यह गिरोह स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को सुनसान स्थान पर रोककर उनके साथ मारपीट करता था और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करता था। विरोध करने वाले छात्रों को धमकाने और डराने का भी प्रयास किया जाता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 जुलाई की रात खुर्सीपार निवासी मोहम्मद शब्बीर ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कुछ युवक नियमित रूप से छात्रों का रास्ता रोकते हैं, उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और शराब पीने के लिए रुपए मांगते हैं। पैसे देने से इनकार करने पर छात्रों के साथ मारपीट की जाती थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खुर्सीपार पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। अगले दिन स्कूल समय के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में निगरानी की। पीड़ित छात्रों से आरोपियों की पहचान कराई गई, जिसके बाद युवराज साहू (19 वर्ष) और शेखर गुप्ता (21 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल दो नाबालिगों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत पृथक कार्रवाई की गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बच्चों को विशेष रूप से सुनसान स्थानों पर रोकते थे और डर का माहौल बनाकर उनसे पैसे वसूलते थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से कई छात्र भयभीत थे और स्कूल आने-जाने में असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और एक लकड़ी की हॉकी स्टिक जब्त की है। आशंका है कि हॉकी स्टिक का इस्तेमाल छात्रों को डराने और धमकाने के लिए किया जाता था। पुलिस मामले की आगे भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इस तरह की घटनाओं को और किन क्षेत्रों में अंजाम दिया है।