जाम में एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे, मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानी
लगातार हो रही बारिश के बीच सिरगिट्टी क्षेत्र के धूमा गांव में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 150 घरों में पानी घुस गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने रायगढ़-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन ने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया, लेकिन बाद में पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल 5 नामजद सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र स्थित धूमा गांव में लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान पुल और नाली का काम अधूरा छोड़ दिया गया तथा पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते बारिश का पानी गांव में भर गया और करीब 150 घर जलमग्न हो गए। जलभराव से लोगों के घरों में रखा सामान खराब होने के साथ दैनिक जीवन भी पूरी तरह प्रभावित हो गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार घंटे तक लगा जाम
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतर आए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर एक बजे तक जारी रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में एंबुलेंस समेत कई बड़े वाहन फंस गए, जिससे मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
समझाइश के बाद खुला रास्ता
सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर जल्द जलनिकासी की अस्थायी व्यवस्था करने और समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर यातायात बहाल कर दिया।
प्रदर्शन के बाद दर्ज हुआ मामला
चक्काजाम समाप्त होने के बाद सिरगिट्टी पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने और यातायात प्रभावित करने के आरोप में पांच नामजद समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस का कहना है कि सड़क अवरुद्ध होने से आम लोगों के साथ एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
- ग्रामीणों में नाराजगी बरकरार
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने मौके पर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक जलभराव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। दूसरी ओर, समाधान की प्रतीक्षा कर रहे लोगों पर मामला दर्ज होने से गांव में नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जल्द स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।