5 करोड़ से अधिक करदाताओं ने दाखिल किया आयकर रिटर्न, 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न का विकल्प; विशेषज्ञों ने बताए आसान तरीके
नई दिल्ली (ए)। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक देशभर में 5 करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। जिन लोगों ने अब तक ITR नहीं भरा है, उनके पास आज अंतिम अवसर है। निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना देना होगा और 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।
आयकर विशेषज्ञों के अनुसार समय पर रिटर्न दाखिल करने से रिफंड प्रक्रिया तेज होती है और भविष्य में टैक्स संबंधी जटिलताओं से बचाव होता है। देर से रिटर्न भरने पर आय के आधार पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जो अधिकतम 5,000 रुपये तक हो सकता है।
किन लोगों के लिए आज ITR भरना अनिवार्य
वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनभोगी, जो ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के तहत रिटर्न दाखिल करते हैं और जिनकी आय कर छूट सीमा से अधिक है।
एक से अधिक मकान से आय प्राप्त करने वाले या कैपिटल गेन्स (पूंजीगत लाभ) अर्जित करने वाले करदाता, जिन्हें टैक्स ऑडिट की आवश्यकता नहीं है।
ऐसे व्यक्ति जिन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक खर्च किया हो।
जिनके बचत खाते में 50 लाख रुपये से अधिक जमा हुए हों।
जिनका बिजली बिल 1 लाख रुपये से अधिक रहा हो, भले ही उनकी आय कर छूट सीमा से कम हो।
देर से रिटर्न भरने पर क्या होगा
यदि कोई करदाता 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकता है। हालांकि, इस स्थिति में जुर्माना और कुछ मामलों में अतिरिक्त ब्याज भी देना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अंतिम समय में वेबसाइट पर संभावित तकनीकी दबाव से बचने के लिए जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए।
चार आसान चरणों में करें ITR फाइल
कर विशेषज्ञों के अनुसार आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में काफी सरल हो गई है।
आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉगिन करें।
अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें।
फॉर्म में पहले से उपलब्ध जानकारी की जांच कर आवश्यक संशोधन करें।
रिटर्न सबमिट करने के बाद आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या अन्य माध्यम से ई-वेरिफिकेशन पूरा करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर ITR दाखिल करना न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि बैंक ऋण, वीजा आवेदन और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम आता है।