संसद भवन में हुई महत्वपूर्ण मुलाकात, छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विस्तार और अधोसंरचना विकास का रोडमैप प्रधानमंत्री के समक्ष रखा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर क्षेत्र के तेजी से हो रहे बदलाव और राज्य की प्रमुख अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ की विकास रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र सहयोग और स्वीकृति का आग्रह किया।
बस्तर में विकास की नई तस्वीर पेश की
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के सकारात्मक परिणाम अब बस्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों से जूझता रहा, वह अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, आजीविका, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस परिवर्तन को स्थायी स्वरूप देकर बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूर्ण रूप से जोड़ना है।
राजनांदगांव की यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है तथा राज्य स्तर की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं और स्वीकृतियां पूरी कर ली गई हैं।
किसानों और उद्योग दोनों को मिलेगा बड़ा लाभ
साय ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के किसानों को यूरिया की उपलब्धता बेहतर होगी तथा उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनेगी। इसके साथ ही प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
केंद्र-राज्य समन्वय से तेज होगा विकास
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिलेगी और राज्य विशेषकर बस्तर क्षेत्र में विकास का नया अध्याय शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक, कृषि और अधोसंरचनात्मक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर तेजी से काम कर रही है।