बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना; लाल सागर और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति और गंभीर हुई
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन और सऊदी अरब में एक साथ बड़े हमले कर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। यमन में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में हुए हमले के बाद कई स्थानों पर आग लग गई और 11 नागरिक घायल हो गए। घटनाओं के बाद दोनों देशों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
ईरान (ए)। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन और सऊदी अरब में समन्वित हमले किए। यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 58 सैनिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका जवाब उचित समय और उचित स्थान पर दिया जाएगा।
उधर, सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांत नजरान में हुए हमले के बाद कई इलाकों में भीषण आग लग गई। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया। आग बुझाने के लिए दमकल और राहत दलों को तत्काल तैनात किया गया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हमले में 11 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें सात सऊदी नागरिक, एक यमनी, दो मिस्री, एक पाकिस्तानी नागरिक और चार वर्ष का एक बच्चा शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले केवल यमन के गृहयुद्ध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से भी जुड़े हैं। हूती संगठन लंबे समय से यमन की सरकार और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ लड़ रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि ईरान हूतियों को मिसाइल, ड्रोन और सैन्य तकनीक उपलब्ध कराता है।
इसी बीच, होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही में कमी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज मार्ग पर अतिरिक्त शुल्क या टोल लगाया गया तो वैश्विक परिवहन लागत बढ़ेगी और महंगाई पर असर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का सऊदी दौरा भी चर्चा में है, जहां खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा समन्वय जैसे मुद्दों पर उच्चस्तरीय बातचीत की संभावना जताई जा रही है।