खम्हरिया में 15 ग्राम चिट्टा के साथ युवक पकड़ा, खुर्सीपार में गांजा तस्करी के मामले में चार महीने से फरार महिला दबोची गई
दुर्ग-भिलाई। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार किया है। स्मृतिनगर पुलिस चौकी ने खम्हरिया क्षेत्र से चिट्टा (हिरोइन) के साथ एक युवक को पकड़ा, जबकि खुर्सीपार पुलिस ने गांजा बिक्री के मामले में लंबे समय से फरार चल रही महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
खम्हरिया में ग्राहक की तलाश कर रहा था युवक
स्मृतिनगर पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक जुनवानी से खम्हरिया की ओर प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर जा रहा है और उसे बेचने के लिए संभावित ग्राहकों की तलाश कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उसके पास से दो पैकेटों में कुल 15 ग्राम चिट्टा (हिरोइन) बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3.40 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उसके पास से एक रेडमी मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिससे कुल जब्ती लगभग 3.70 लाख रुपये की हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हर्ष देव सिंह विज (21) निवासी शांतिनगर, भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह अवैध रूप से मादक पदार्थ बेचकर आर्थिक लाभ कमाने की फिराक में था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चार महीने बाद फरार महिला गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई खुर्सीपार थाना क्षेत्र की देवार बस्ती में दर्ज गांजा बिक्री के मामले में हुई। पुलिस के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि उसकी सहयोगी महिला फरार हो गई थी।
लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने सविता देवार (45) निवासी देवार बस्ती, खुर्सीपार को 7 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने गांजा बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही 3 किलो 200 ग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.69 लाख रुपये है। प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) और 27ए के तहत कार्रवाई की गई है।