नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़; हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में बिगड़े हालात, कई श्रद्धालु अस्पताल पहुंचाए गए
सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन के दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ श्रद्धालु बेहोश हो गए, जिन्हें परिजन और सुरक्षाकर्मी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सभी का उपचार जारी है।
उज्जैन (ए)। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के एक साथ होने से उज्जैन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान महाकाल के दर्शन के साथ साल में केवल एक दिन खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई।
भीड़ के बीच कुछ श्रद्धालु चक्कर आने के बाद बेहोश हो गए। स्थिति बिगड़ते देख परिजन और सुरक्षाकर्मी तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में सभी श्रद्धालुओं का उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
महाकाल मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का संयोग होने के कारण इस बार सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। मंदिर में अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है।
अस्पताल पहुंचाए गए श्रद्धालुओं में किसनपुरा निवासी 15 वर्षीय सागर, दरभंगा बिहार निवासी 36 वर्षीय सजीव नोनू चौधरी, ग्वालियर निवासी 20 वर्षीय खुशी, गुजरात निवासी 26 वर्षीय हरीशचंद, 15 वर्षीय तुलसी और 12 वर्षीय जय सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हैं। लखन गोविन्द और सोनम सिंह के नाम भी सूची में बताए गए हैं।
साल में सिर्फ नागपंचमी पर खुलते हैं पट
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। नागपंचमी के दिन ही श्रद्धालुओं के लिए इसके पट खोले जाते हैं, जबकि वर्ष के बाकी दिनों में मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। इसी विशेष दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
इस बार नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का पर्व एक ही दिन पड़ने से श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर क्षेत्र में बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसी बीच हरसिद्धि मंदिर के सामने भीड़ का दबाव बढ़ने से श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की घटना सामने आई।