पुराने परीक्षा प्रकरण का जिक्र कर उठाए सवाल, महंगाई से लेकर आयुष्मान और महानदी विवाद तक सरकार पर साधा निशाना
रायपुर। RDA की जमीन आवंटन योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए उनके पुराने परीक्षा प्रकरण का संदर्भ दिया और मौजूदा जमीन विवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने महंगाई, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर कार्रवाई, नगर निगम में महापौर-अधिकारियों के विवाद और महानदी जल विवाद को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। धर्मांतरण के मुद्दे पर बघेल ने सरकार से केवल चिंता व्यक्त करने के बजाय ठोस कदम उठाने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। RDA की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में जमीन आवंटन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने वन मंत्री केदार कश्यप का जिक्र किया। बघेल ने कश्यप की पत्नी से जुड़े पुराने परीक्षा प्रकरण का हवाला देते हुए मौजूदा विवाद पर सवाल उठाए।
बघेल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान उनकी पत्नी से जुड़े परीक्षा मामले में किसी दूसरी महिला के परीक्षा देने का प्रकरण सामने आया था और बाद में लेन-देन के जरिए मामला खत्म कर दिया गया। उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि केदार कश्यप से जुड़े विवाद बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं। यह आरोप बघेल के बयान पर आधारित है।
RDA जमीन मामले में कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भी आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को कचना की जमीन के बदले सड्डू में भूखंड दिए जाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। RDA की ओर से दावा-आपत्ति मिलने के बाद नियमानुसार जांच और आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
बघेल ने रसोई गैस और दूध की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और दूध के दाम बढ़ने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि अस्पतालों में अनियमितताएं थीं तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए बघेल ने सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर टिप्पणी की। वहीं महानदी जल विवाद के मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में निर्णय लेने की मांग की।
धर्मांतरण के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई करने और अपनी नीति स्पष्ट करने की मांग की।