लैब के अंदर टेस्ट ट्यूब लेकर कैटवॉक और मस्ती का वीडियो हुआ था वायरल; नोटिस और जांच के बाद HLL लाइफकेयर ने सेवा से हटाया
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ब्लड सैंपल और टेस्ट ट्यूब के साथ रील बनाना तीन महिला टेक्नीशियनों को भारी पड़ गया। लैब के अंदर बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। सिविल सर्जन की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जांच के बाद HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
लैब में रील बनाने का वीडियो हुआ वायरल
मामला 24 अगस्त का बताया जा रहा है। तीनों महिला टेक्नीशियनों ने लैब के अंदर अलग-अलग अंदाज में वीडियो बनाए थे। एक वीडियो में टेस्ट ट्यूब हाथ में लेकर कैटवॉक करती नजर आईं, जबकि दूसरे वीडियो में लैब की कुर्सी पर बैठकर मस्ती करते हुए वीडियो बनाया गया। करीब पांच दिन बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
लैब प्रभारी से मांगा गया जवाब
वीडियो सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने अटल आरोग्य लैब के प्रभारी डॉ. जेपी मेश्राम को नोटिस जारी किया। उनसे पूछा गया कि ड्यूटी के दौरान लैब के भीतर वीडियो कैसे बनाया गया और उस समय कर्मचारियों की जिम्मेदारी क्या थी। मामले की जांच के बाद लैब प्रभारी ने संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए HLL लाइफकेयर लिमिटेड को पत्र भेजा।

HLL ने तीनों को सेवा से हटाया
जांच और जवाब की प्रक्रिया पूरी होने के बाद HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला टेक्नीशियनों को बर्खास्त कर दिया। अस्पताल प्रबंधन अब यह भी देख रहा है कि जिस समय वीडियो बनाए गए, उस दौरान लैब की नियमित जांच व्यवस्था पर किसी तरह का असर तो नहीं पड़ा था।
सिविल सर्जन ने की कार्रवाई की पुष्टि
सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद लैब प्रभारी को नोटिस दिया गया था। प्रभारी की ओर से संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए HLL को पत्र लिखा गया। इसके बाद कंपनी ने तीनों कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया।
पहले जांच रिपोर्ट को लेकर भी उठा था विवाद
अटल आरोग्य लैब पहले भी जांच रिपोर्ट को लेकर सवालों के घेरे में आ चुकी है। जिला अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक की HIV जांच रिपोर्ट पहली बार पॉजिटिव आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई तो दोबारा जांच कराई गई, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव मिली। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने लैब से जानकारी मांगी और जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच व कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए थे।