‘रंगीलो राजस्थान’ थीम पर बनेगा नवरात्र का भव्य पंडाल, भूमिपूजन के साथ शुरू हुई तैयारियां
भिलाई। भिलाई के प्रसिद्ध लालमैदान दुर्गोत्सव में इस बार श्रद्धालुओं को राजस्थान की कला और संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे। शारदीय नवरात्र उत्सव 2026 के लिए ‘रंगीलो राजस्थान’ थीम तय की गई है। पंडाल निर्माण से पहले कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विधि-विधान से भूमिपूजन किया गया। इसके साथ ही नवरात्र उत्सव की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।
सुभाष नवयुवक जागृति समिति इस वर्ष लालमैदान में अपने दुर्गोत्सव के 55वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। पांच दशक से अधिक समय से समिति की ओर से बनाए जा रहे अलग-अलग थीम आधारित पंडालों के कारण लालमैदान का दुर्गोत्सव भिलाई की प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
राजस्थान की लोककला और परंपरा बनेगी आकर्षण
इस वर्ष पंडाल की सजावट में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, स्थापत्य और रंगों की झलक देखने को मिलेगी। समिति का कहना है कि ‘रंगीलो राजस्थान’ के माध्यम से देश की विविध संस्कृतियों के बीच एकता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
भूमिपूजन में जुटे श्रद्धालु
मातारानी के पंडाल निर्माण के लिए आयोजित भूमिपूजन में समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित बृजवासी जी महाराज और पंडित बद्रीनाथ जी ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। अनुष्ठान के बाद ‘जय माता दी’ संदेश वाले गुब्बारे छोड़े गए। माता के जयकारों से लालमैदान का माहौल भक्तिमय हो गया।
पश्चिम बंगाल के कारीगर बनाएंगे पंडाल
भूमिपूजन के बाद अब पंडाल निर्माण का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए बांस-बल्लियों और अन्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। पश्चिम बंगाल से आने वाले कारीगर पंडाल को आकार देंगे। समिति की योजना नवरात्र तक पंडाल और आयोजन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने की है।
व्यापारी और सामाजिक क्षेत्र के लोग भी हुए शामिल
भूमिपूजन कार्यक्रम में पावरहाउस क्षेत्र के व्यापारी, स्थानीय नागरिक, पत्रकार, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
समिति के अनुसार आगामी नवरात्र उत्सव में ‘रंगीलो राजस्थान’ थीम के साथ धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा।