कहा- मारते हुए थाने ले जाऊंगा, 6 महीने जेल में डलवा दूंगा; डर से गांव छोड़कर गया युवक, पाटन पुलिस ने दर्ज किया केस
दुर्ग-भिलाई। वॉट्सऐप स्टेटस पर ईडी की कार्रवाई से जुड़ी खबर साझा करना पाटन क्षेत्र के एक युवक के लिए मुसीबत बन गया। खबर में छपे नाम से मिलते-जुलते नाम वाले एक व्यक्ति ने युवक को फोन कर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी। फोन पर उसे पीटते हुए थाने ले जाने और जेल भिजवाने की बात कही गई। धमकी के बाद युवक डरकर गांव छोड़कर चला गया। मामले में पाटन पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खबर स्टेटस पर लगाई, अगले दिन आया फोन
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने 3 सितंबर को एक अखबार में प्रकाशित ईडी कार्रवाई से संबंधित खबर अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाई थी। खबर में अनिल चंद्राकर का नाम था। परमेश्वर ने स्टेटस के नीचे ‘जामगांव एम’ भी लिखा था।
परमेश्वर का कहना है कि उन्होंने खबर किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं लगाई थी। वे अखबार में नाम आने वाले किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका किसी से विवाद है।
फोन पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
शिकायत के मुताबिक 4 सितंबर को दोपहर करीब 1.40 बजे परमेश्वर के मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। परमेश्वर का आरोप है कि फोन उठाते ही गाली-गलौज शुरू कर दी गई और धमकी दी गई कि उसे मारते हुए थाने ले जाया जाएगा और कई महीने के लिए जेल में बंद करा दिया जाएगा। परमेश्वर ने समझाने की कोशिश की कि उसने खबर केवल जानकारी के लिए स्टेटस पर लगाई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर धमकी और गाली-गलौज जारी रही।
दोस्त के मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड कराई
परमेश्वर के अनुसार फोन पर हुई बातचीत के दौरान वह काफी डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड कराई। बाद में इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपने की बात शिकायत में कही गई है।
गांव आने की खबर मिली तो घर छोड़ा
शिकायत के अनुसार उसी दिन करीब 3.10 बजे परमेश्वर को जानकारी मिली कि अनिल चंद्राकर गांव पहुंच गए हैं और उसे बुला रहे हैं। गांव के हितेंद्र पटेल ने फोन कर यह जानकारी दी। परमेश्वर का आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी कही गई। इसके बाद परमेश्वर डर के कारण गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस से कहा है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और इसी वजह से वह घर से बाहर रहने को मजबूर है।
दोनों अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति
मामले में एक अहम बात यह है कि ईडी की कार्रवाई से जुड़े प्रकरण में सामने आए अनिल चंद्राकर और जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। परमेश्वर ने ईडी मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
पाटन पुलिस कर रही जांच
परमेश्वर ने पुलिस को अखबार में प्रकाशित खबर की प्रति और फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई है। शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। ईडी से जुड़े मामले में जांच के दौरान CGPSC-2021 परीक्षा के पेपर से संबंधित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने के आरोप सामने आए थे। इसी कार्रवाई से जुड़ी खबर परमेश्वर ने अपने मोबाइल स्टेटस पर साझा की थी।