लॉन्च से पहले ट्रेडमार्क को लेकर हुआ था विवाद, समझौते के बाद एपल को मिला नाम इस्तेमाल करने का अधिकार; बुधवार को नए मॉडल पर नजर
नई दिल्ली (ए)। दुनिया भर के टेक यूजर्स की नजर बुधवार देर रात होने वाले एपल के लॉन्च इवेंट पर है। कंपनी इस दौरान नए आईफोन मॉडल पेश कर सकती है। रिपोर्ट्स में iPhone 18 Pro, Pro Max और Ultra के लॉन्च की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस लॉन्च से पहले आईफोन के इतिहास का एक ऐसा किस्सा सामने आता है, जो शायद ही किसी आम यूजर को पता हो—जिस नाम से एपल की पहचान बनी, वह शुरुआत में कंपनी का था ही नहीं।
‘iPhone’ नाम का ट्रेडमार्क अमेरिकी नेटवर्किंग कंपनी सिस्को के पास था। एपल ने जब आईफोन लॉन्च किया तो सिस्को ने नाम के इस्तेमाल को लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। मामला बढ़ने के बाद दोनों कंपनियों के बीच समझौता हुआ और दोनों को iPhone नाम इस्तेमाल करने की मंजूरी मिल गई।
सोने-हीरों से सजा था 142 करोड़ का फोन
आईफोन की कहानी में एक अध्याय इसकी बेशकीमती कीमत का भी है। दुनिया के सबसे महंगे आईफोन की कीमत करीब 1.5 करोड़ डॉलर बताई गई थी, जो आज के हिसाब से करीब 142 करोड़ रुपए बैठती है। ब्रिटिश डिजाइनर स्टुअर्ट ह्यूज ने इस खास मॉडल को तैयार किया था।
फोन को 24 कैरेट सोने से सजाया गया था। इसमें 135 ग्राम सोने के साथ करीब 600 सफेद हीरे लगाए गए थे। इसका होम बटन भी साधारण नहीं था—उसकी जगह 24 कैरेट का काला हीरा इस्तेमाल किया गया था।
मोबाइल से स्मार्टफोन तक का सफर
आईफोन की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ रिकॉर्ड कीमत वाला मॉडल नहीं है। करीब दो दशक पहले एपल के इस फोन ने मोबाइल तकनीक की दिशा ही बदल दी। टच इंटरफेस, ऐप आधारित सेवाओं और इंटरनेट के आसान इस्तेमाल ने स्मार्टफोन को रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। अब नए आईफोन के साथ कंपनी इस सफर को किस नई तकनीक तक ले जाती है, इस पर सबकी नजर है।