पिथौरागढ़ में 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव में बहा, बिहार में 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; एमपी-राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली (ए)। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड से लेकर छत्तीसगढ़ और बिहार तक बारिश और बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तेज बहाव के कारण चीन सीमा से जुड़ी घाटियों को जोड़ने वाला 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बह गया। वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी में तीन कॉलेज छात्र बहने के बाद लापता हैं। बिहार में बाढ़ से 15 जिलों के 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं
पिथौरागढ़ के कुलागाड़ नाले पर बना बैली ब्रिज भारी पानी के दबाव में बह गया। यह पुल 27 अगस्त को तैयार किया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने के कारण पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। नए पुल के बह जाने से व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के आठ छात्र-छात्राएं शुक्रवार को पिकनिक मनाने देवरी गांव पहुंचे थे। हसदेव नदी के किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी नदी में उतर गए और तेज बहाव में बह गए। तीनों की तलाश के लिए अभियान जारी है।
बिहार में 47 लाख से ज्यादा आबादी बाढ़ से प्रभावित
बिहार के 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उत्तर प्रदेश के भी 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां करीब 4 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। 21 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि नदी किनारे बसे गांवों में कई स्थानों पर 10 फीट तक पानी भरने की स्थिति है।
एमपी-राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के 29 जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इससे पहले अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया था। भोपाल में बारिश के दौरान दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई, जबकि दमोह के निचले इलाकों में जलभराव से परेशानी बढ़ गई।