बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराने वालों को सब्सिडी वाली रिफिल में दिक्कत, मोबाइल ऐप से घर बैठे पूरी कर सकते हैं ई-केवाईसी
नई दिल्ली (ए)। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाली घरेलू एलपीजी रिफिल के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उन्हें सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन पर रोक लगाना तथा सरकारी लाभ को पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
89.9 फीसदी उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा हो चुका था, जो कुल उपभोक्ताओं का 89.9 फीसदी है। जिन लोगों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, उनकी रिफिल बुकिंग सामान्य रूप से जारी रहेगी।
सत्यापन नहीं कराने पर क्या होगा
जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, उनकी सब्सिडी वाली रिफिल बुकिंग का प्रसंस्करण ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद किया जाएगा। वहीं, जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराना चाहते या किसी कारण से नहीं करा पा रहे हैं, उन्हें बाजार दर पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है।
घर बैठे ऐसे कराएं ई-केवाईसी
एलपीजी कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने और सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के माध्यम से फेस स्कैन कराने की सुविधा भी उपलब्ध है।
उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी, साल में अधिकतम 9 रिफिल तक, मंजूर की थी। 5 किलोग्राम कनेक्शन पर यह राशि अनुपातिक रूप से लागू होती है।