भिलाई के युवक से रकम लेने के बाद गायब रहा आरोपी, रायपुर से गिरफ्तारी; दूसरे लोगों से पैसे लेने की भी जांच
दुर्ग-भिलाई। नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूलने के आरोप में भिलाई नगर पुलिस ने रायपुर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी उमेश मानिकपुरी ने बड़े अधिकारियों से अपनी जान-पहचान होने का भरोसा देकर नौकरी लगवाने का दावा किया और शिकायतकर्ता से करीब 11 लाख रुपए ले लिए। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं किए जाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
25 अगस्त को दर्ज हुई थी शिकायत
भिलाई नगर निवासी लहनेदास मासुलकर ने पुलिस को बताया कि उमेश मानिकपुरी ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे करीब 11 लाख रुपए लिए थे। रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो रकम भी वापस नहीं की गई। इसके बाद 25 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच में रायपुर में होने का पता चला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि उमेश मानिकपुरी रायपुर के हनुमान चौक, एक्सप्रेस कॉलोनी, डिपरापारा में रह रहा है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 18 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड में खंगाले लेन-देन के तथ्य
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया और पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। इस दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए पैसों और अन्य लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई गई। रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच में सामने आए और भी शिकायतों के संकेत
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा अन्य लोगों को भी नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर रकम लिए जाने की जानकारी मिली है। अब पुलिस संबंधित लोगों से जानकारी जुटाकर यह पता कर रही है कि कितने लोगों से रकम ली गई और उनके साथ किस तरह का लेन-देन हुआ।
नेवई के धोखाधड़ी केस से भी जुड़ रही कड़ी
जांच में आरोपी का थाना नेवई क्षेत्र में दर्ज धोखाधड़ी के एक अन्य मामले से भी संबंध सामने आया है। पुलिस दोनों प्रकरणों में आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। भिलाई नगर थाने के मामले में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और आगे की विवेचना जारी है।