भाजपा ने जताई आपत्ति, कांग्रेस ने कहा—छात्रों की शिक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़े सवालों पर हुई चर्चा
इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करते हुए एक हास्य प्रस्तुति दी गई, जिसका वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रस्तुति में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का भी अपमान हुआ। कांग्रेस ने इन आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम को छात्रों के मुद्दों पर केंद्रित बताया।
रिजिजू और जोशी ने साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कार्यक्रम में हुई मिमिक्री को लेकर कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्र संवाद के मंच का इस्तेमाल प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए किया गया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की मां से जुड़े प्रसंग को राजनीतिक या हास्य प्रस्तुति का हिस्सा बनाना उचित नहीं था। इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था के सवाल उठाए
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा के आरोपों के बीच कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं और कार्यक्रम में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से भाजपा और आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप भी लगाए गए।
छात्रों ने भर्ती और आरक्षण के मुद्दे उठाए
19 सितंबर को हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। यह इस श्रृंखला का पांचवां कार्यक्रम बताया गया है। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम हो चुके हैं।
इंदौर में छात्रों ने परीक्षा, भर्ती, आरक्षण, छात्रावास और रोजगार से जुड़े मुद्दे राहुल गांधी के सामने रखे। एक छात्रा ने सरकारी परीक्षा पास करने के बावजूद ओबीसी आरक्षण से संबंधित कानूनी प्रक्रिया के कारण नियुक्ति में आ रही अड़चन का मुद्दा उठाया।
वहीं, एक छात्र ने एमपीपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई किए जाने का दावा किया। आदिवासी छात्रों ने छात्रावास और अन्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन की बात भी कार्यक्रम में उठी। राहुल गांधी ने उनके आंदोलन में शामिल होने की बात कही।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
कार्यक्रम में छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के सवालों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इसके जवाब में भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम और राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की। इस तरह छात्र संवाद का कार्यक्रम अब भाजपा-कांग्रेस के बीच नए राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।