इंडिया मोबाइल कांग्रेस में पीएम ने कहा- डीबीटी से 5 लाख करोड़ रुपए की लीकेज रोकी; 2022 में इसी मंच से शुरू हुआ था 5G
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब सिर्फ संचार का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने का बड़ा जरिया बन चुके हैं। बैंक, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों की कई सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए करीब 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं।
नई दिल्ली (ए)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में भारत के डिजिटल बदलाव और दूरसंचार क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल तकनीक ने देश में सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ शासन व्यवस्था को भी आसान बनाया है। पहले बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहरों की ओर जाना पड़ता था। अब कई सेवाएं सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि भारत भाषा और भौगोलिक विविधता वाला देश है। ऐसे में मोबाइल तकनीक ने अलग-अलग क्षेत्रों और लोगों को सुविधाओं से जोड़ने का काम किया है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से समय और संसाधनों की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जिस राशि में लीकेज की आशंका रहती थी, वह अब जरूरतमंदों तक पहुंच रही है।
उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि का उदाहरण देते हुए कहा कि अब तक किसानों के खातों में करीब 4 लाख करोड़ रुपए पहुंचाए जा चुके हैं। यह राशि हर चार महीने में किसानों को दी जाती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था के कारण यह पैसा उन लोगों तक भी पहुंच रहा है, जहां पहले सरकारी सहायता पहुंचने में कठिनाई होती थी।
मोदी ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया है। कोविड के दौरान डिजिटल माध्यमों ने पढ़ाई को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि 2022 तक दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से अधिक लर्निंग सेशन दर्ज किए गए। उनका कहना था कि ऑनलाइन शिक्षा के साधनों के जरिए गरीब और दूरदराज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का प्रयास जारी है।
प्रधानमंत्री ने भारत में मोबाइल और टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय डिजिटल उपकरणों तक पहुंच सीमित थी, लेकिन भारत ने मोबाइल फोन को तकनीकी बदलाव के केंद्र में रखकर इसका विस्तार किया। अब देश में मोबाइल और अन्य टेलीकॉम हार्डवेयर के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि डिजाइन और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाएगा। भारत उपभोक्ता से निर्माता और क्रिएटर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
साइबर सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल और नेटवर्क की सुरक्षा अब प्राथमिकता है। आम नागरिक तकनीकी प्रोटोकॉल नहीं समझता, लेकिन उसे यह भरोसा होना चाहिए कि फोन करने वाला कौन है, उसका भुगतान सुरक्षित है और उसका डेटा सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं होती। एक देश में बैठा अपराधी दूसरे देश की मदद लेकर तीसरे देश में अपराध कर सकता है। इसलिए साइबर फ्रॉड रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर एक साझा ढांचा तैयार करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में सप्लाई चेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और अब नए लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2022 में इसी मंच से भारत में 5G सेवा की शुरुआत की गई थी। 2023 में देश ने 5G विस्तार की दिशा में अपनी प्रगति दुनिया के सामने रखी। इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 6G जैसी तकनीकों पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन में 100 से अधिक देशों के करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की बात कही गई।