10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन का ऐलान; पुलिस ने धारा 163 लागू होने का हवाला दिया, रेलवे ने भी कई ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी दी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, एहतियातन मेट्रो स्टेशनों, होटलों, रेलवे स्टेशनों और बसों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। वहीं, रेलवे से जुड़ी रिपोर्टों में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनों के रद्द रहने की बात कही गई है।
नई दिल्ली (ए)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जॉइंट पुलिस कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है।
पुलिस के अनुसार, पार्टी ने 7 अक्टूबर को प्रदर्शन की सूचना दी थी, जबकि निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत नियोजित प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन देना जरूरी है। पुलिस ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है और संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।
57 मेट्रो स्टेशनों और 10 डिटेंशन सेंटरों को लेकर तैयारी
प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने एहतियाती इंतजाम किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने और 10 डिटेंशन सेंटर तैयार करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, स्टेशनों को बंद करने की समय-सारिणी और प्रभावित स्टेशनों की पूरी सूची की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
रेलवे स्टेशनों, होटलों और बसों पर निगरानी
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से लोगों के दिल्ली पहुंचने की आशंका के बीच पुलिस होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहरने वाले लोगों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। खास तौर पर 8 से 11 अक्टूबर के बीच ठहरे मेहमानों की पहचान और बुकिंग संबंधी जानकारी खंगाली जा रही है।
समूह में आने वाले यात्रियों और युवाओं से उनके दिल्ली आने का उद्देश्य पूछा जा रहा है। जिन मामलों में कमरे की बुकिंग किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है, वहां पहचान संबंधी दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। बस ऑपरेटरों की बुकिंग और रेलवे स्टेशनों तथा एयरपोर्ट के आसपास भी निगरानी बढ़ाई गई है।
दीपके ने हिरासत में लेने का लगाया आरोप
CJP से जुड़े अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दीपके ने कहा कि हिरासत की कार्रवाई से प्रदर्शन में शामिल होने का लोगों का संकल्प कमजोर नहीं होगा। ये उनके सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन
CJP ने इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी थी। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया के विरोध को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया गया है। दीपके ने पहले भी सोशल मीडिया पर कहा था कि यदि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोका गया, तो वे रोकने वाली जगह पर ही विरोध दर्ज कराएंगे।
एसआईआर के फैसलों पर चुनाव आयुक्तों की आपत्ति का दावा
इस बीच, द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान एसआईआर से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों अधिकारियों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा तथा संबंधित सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, फॉर्म-6 में एसआईआर से जुड़ा सवाल जोड़ने और कार्य-विभाजन संबंधी आदेश पर भी आपत्ति जताई गई थी। दोनों आयुक्तों ने चुनावी डेटा तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इन दावों के संबंध में संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं को अलग से देखना जरूरी है।