समुद्र के पास आए झटके के बाद फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं; जापान की मौसम एजेंसी ने 9.9 तीव्रता की चेतावनी 12 मिनट में वापस ली
रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार को 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, झटके जमीन से करीब 152 किलोमीटर की गहराई में आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है। इस भूकंप के बाद जापान में भी कुछ समय के लिए चिंता की स्थिति बन गई, जब वहां की मौसम एजेंसी ने गलती से 9.9 तीव्रता के भूकंप का अलर्ट जारी कर दिया। एजेंसी ने करीब 12 मिनट बाद चेतावनी वापस ले ली।
कामचटका में पहले भी आ चुका है शक्तिशाली भूकंप
कामचटका भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। पिछले साल 30 जुलाई को यहां के तट के पास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसे वर्ष 2025 के सबसे बड़े भूकंपों में गिना गया। इसके बाद समुद्र में उठी सुनामी की लहरों ने तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया था। खबरों के अनुसार, एक गांव का कुछ हिस्सा समुद्र में बह गया था।
जापान में 9.9 तीव्रता का गलत अलर्ट जारी
कामचटका में आए भूकंप के बाद जापान की मौसम एजेंसी ने शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:36 बजे 9.9 तीव्रता के भूकंप की चेतावनी जारी की। इसमें होक्काइडो से तोकाई क्षेत्र तक तेज झटके आने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, एजेंसी ने करीब 12 मिनट बाद दोपहर 12:48 बजे अलर्ट रद्द कर दिया। जापानी प्रसारक एनएचके के अनुसार, एजेंसी ने स्वीकार किया कि भूकंप की तीव्रता का अनुमान जरूरत से अधिक लगाया गया था। इस घटना ने आपदा संबंधी चेतावनी जारी करने वाली प्रणालियों की सटीकता पर भी ध्यान खींचा।
एक साल में दर्ज हुए थे 1200 से ज्यादा भूकंप
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कामचटका क्षेत्र में 1200 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए थे। इनमें ज्यादातर झटकों की तीव्रता 2.0 से 4.0 के बीच थी। वहीं, 4.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले 150 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए गए। इस क्षेत्र में पिछले साल 7.0 या उससे अधिक तीव्रता के तीन बड़े भूकंप भी आए थे।
समुद्री भूकंप से कई देशों में महसूस हुआ था असर
जुलाई 2025 में आया 8.8 तीव्रता का भूकंप समुद्र के भीतर उत्पन्न हुआ था। इसके बाद सुनामी की चेतावनियां जारी की गई थीं और कई देशों के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई थी। समुद्र के भीतर आने वाले शक्तिशाली भूकंप सुनामी पैदा कर सकते हैं, हालांकि हर भूकंप के बाद सुनामी आना जरूरी नहीं है। कामचटका में शुक्रवार को आए ताजा भूकंप के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है।