क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के ऑनलाइन लैब सिस्टम में सेंध; दुनिया में इस साल स्वास्थ्य क्षेत्र पर 716 साइबर हमले दर्ज, अमेरिका में 410 मामले
न्यू जर्सी (ए)। अमेरिका की प्रमुख मेडिकल जांच कंपनियों में शामिल क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के ऑनलाइन सिस्टम पर साइबर हमला होने का मामला सामने आया है। इस घटना में हैकरों ने मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट और पहचान से जुड़ी निजी जानकारी तक अनधिकृत पहुंच बना ली। कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि डेटा सुरक्षा में सेंध से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने मरीजों की जानकारी प्रभावित हुई है।
ऑनलाइन लैब सेवा में सेंध, सिस्टम का इस्तेमाल रोका
कंपनी के अनुसार, साइबर हमले का असर उसके क्वानम लैब सर्विसेज मैनेजर (LSM) सिस्टम पर पड़ा है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ ग्राहक लैब जांच बुक करते हैं, जांच के परिणाम देखते हैं और मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करते हैं। अनधिकृत गतिविधि का पता चलते ही कंपनी ने एहतियात के तौर पर इस सिस्टम का उपयोग रोक दिया।
मामले की जांच में संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता भी ली जा रही है। कंपनी यह पता लगाने में जुटी है कि हैकरों ने किस तरह सिस्टम तक पहुंच बनाई और कौन-कौन से रिकॉर्ड उनकी पहुंच में आए।
मरीजों की सेहत और पहचान से जुड़ा डेटा प्रभावित
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के मुताबिक, प्रभावित ऑनलाइन सिस्टम में मौजूद कुछ मरीजों की जानकारी तक बिना अनुमति पहुंच बनाई गई। इसमें स्वास्थ्य संबंधी विवरण और व्यक्तिगत पहचान से जुड़ा डेटा शामिल है। हालांकि, कंपनी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन विशेष जानकारियों को देखा गया या उनकी प्रतियां निकाली गईं।
कंपनी ने कहा है कि जांच पूरी होने पर प्रभावित लोगों की पहचान और डेटा के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। कानूनी प्रावधानों के तहत जिन लोगों को सूचना देना जरूरी होगा, उन्हें इसकी जानकारी दी जाएगी।
कंपनी का दावा, नियमित जांच सेवाएं जारी
साइबर घटना के बावजूद कंपनी ने कहा है कि उसके सामान्य कामकाज पर व्यापक असर नहीं पड़ा है। डॉक्टर और अस्पताल पहले की तरह जांच के लिए नमूने भेज सकते हैं। इसके लिए कंपनी की अन्य लैब सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) से जुड़े माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कंपनी का कहना है कि मरीजों की निजी जानकारी की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और प्रभावित ऑनलाइन सिस्टम को दोबारा सुरक्षित तरीके से चालू करने के प्रयास जारी हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र साइबर अपराधियों के निशाने पर
साइबर सुरक्षा पर शोध करने वाली कंपनी कंपैरीटेक के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 तक दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों पर साइबर हमलों के 716 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 410 मामले अमेरिका के थे।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून के बीच वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में 410 साइबर हमले सामने आए, जिनमें 225 अमेरिका में हुए। जुलाई से सितंबर के दौरान दुनिया भर में 306 और अमेरिका में 185 हमले दर्ज किए गए।
डेटा चोरी के बाद फिरौती का भी खतरा
साइबर अपराधी कई बार संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क में सेंध लगाकर महत्वपूर्ण डेटा चुरा लेते हैं अथवा उसे लॉक कर देते हैं। इसके बाद जानकारी लौटाने या सिस्टम बहाल करने के बदले फिरौती मांगी जा सकती है। हालांकि, हर साइबर हमले में फिरौती की मांग होना जरूरी नहीं है।
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग (HHS) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक कम से कम 500 लोगों को प्रभावित करने वाली डेटा लीक की 571 घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें 485 घटनाएं हैकिंग या सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों से संबंधित थीं। इन घटनाओं से लगभग 7.67 करोड़ लोगों की जानकारी प्रभावित होने का आंकड़ा सामने आया है।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के मामले में अब जांच के नतीजों पर नजर है। प्रभावित मरीजों की वास्तविक संख्या और चोरी या देखे गए डेटा की प्रकृति स्पष्ट होने के बाद ही नुकसान का पूरा आकलन हो सकेगा।