एक लाख रुपए भेजने पर 1500 से 2000 रुपए तक कमीशन का दावा; ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल्स के जरिए रकम पहुंचाने का संदेह, कारोबारियों के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हवाला के जरिए नकदी के लेन-देन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों में तीन मामलों में करीब 11 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी जब्त की गई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि रकम के परिवहन के लिए ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल्स से जुड़े माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, रायपुर से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े कारोबारी केंद्रों तक रकम भेजने के बदले प्रति एक लाख रुपए पर 1500 से 2000 रुपए तक कमीशन लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार सराफा, लोहा-इस्पात और गुटखा कारोबार से जुड़े कुछ लोगों तक पहुंचने की आशंका है। कुछ उद्योगपतियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के पास तीन दर्जन से अधिक कारोबारियों से संबंधित जानकारी होने की बात कही जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कुछ कारोबारियों के नाम पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एसीबी की जांच में सामने आने की जानकारी भी दी जा रही है। इन तथ्यों की पुष्टि संबंधित जांच रिकॉर्ड से होना बाकी है।
दुर्ग जिले में पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पिकअप वाहन क्रमांक CG 04 QU 5996 को रोककर तलाशी ली। वाहन में दो युवक सवार थे, जिन्होंने अपनी पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे के रूप में बताई। तलाशी के दौरान पिकअप में बनाए गए विशेष चेंबर से चार करोड़ रुपए नकद बरामद हुए।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से रकम लोड करने की बात कही। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। पुलिस अब रकम के स्रोत और उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के उद्देश्य की पड हंस ट्रैवल्स से करीब 16 लाख रुपए बरामद
न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हंस ट्रैवल्स के कार्यालय में दबिश दी थी। तलाशी के दौरान बोरियों में रखे 20 रुपए के 400 बंडल और 10 रुपए के 800 बंडल मिले। जब्त रकम करीब 16 लाख रुपए बताई गई। पुलिस ने नकदी जब्त कर मामले को जांच के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द किया।दो गाड़ियों से 6.60 करोड़ रुपए जब्त

कुम्हारी के पास पुलिस ने दो वाहनों को रोककर तलाशी ली। दोनों गाड़ियों में 500 रुपए के नोटों के बंडलों में कुल 6 करोड़ 60 लाख रुपए रखे हुए थे। वाहनों में चार लोग सवार थे, जिनकी पहचान शक्ति सिंह, अल्पेश कुमार, ठाकुर महेश सिंह और वाघेला जुहरू भाई के रूप में बताई गई।
शुरुआत में वाहन सवारों ने खुद को व्यापारी बताया। गाड़ियों में जीपीएस उपकरण भी लगे हुए थे। पुलिस ने रकम के संबंध में पूछताछ और जांच के बाद नकदी जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए आयकर विभाग को सूचना दी।
कारोबारियों तक पहुंचने की जांच
तीनों मामलों में जब्त नकदी के स्रोत, परिवहन के उद्देश्य और संभावित लाभार्थियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रायपुर के कारोबारी नेटवर्क से इन मामलों के तार जुड़ने की आशंका है। हालांकि, किसी कारोबारी की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रकम वैध कारोबारी लेन-देन का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई अनधिकृत वित्तीय नेटवर्क सक्रिय था।