बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक बढ़ी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा; रेल, पर्यटन और खेल विकास सहित 19 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। इसके लिए 360 नए खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। वहीं, बिजली बिल में मिल रही राहत की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क, रेल, पर्यटन, उद्योग और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और पर्यटन विकास मिशन के लिए पांच-पांच वर्षों में 500-500 करोड़ रुपए के प्रस्तावित प्रावधान किए गए हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। राजनांदगांव जिले के सोमनी में करीब 400 करोड़ रुपए के निवेश से फल प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की योजना को भी स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा 295 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना, औद्योगिक भूमि आवंटन के नियमों में बदलाव, कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन और कृषक उन्नति योजना में सहायता राशि वितरण के नए प्रावधानों पर निर्णय लिया गया। सरकार का फोकस कृषि आय को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने पर है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
1. 15 नवंबर से धान खरीदी: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान बेचने की पात्रता रहेगी। 360 नए केंद्र खुलने से इनकी कुल संख्या 3100 हो जाएगी। एग्रीस्टेक आईडी वाले पुराने पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा।
2. बिजली बिल में राहत जारी: एम-ऊर्जा योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट जारी रहेगी। 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए पात्रता अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है। इससे करीब 7.25 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
3. सड़क निर्माण एजेंसियों को राहत: डामर की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रभावित ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी। अन्य सरकारी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है।
4. कर्मचारियों को कैशलेस इलाज: सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उपचार की मंजूरी और भुगतान संबंधी दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
5. अधोसंरचना मिशन: मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन 2026-27 से 2030-31 तक संचालित होगा। इसके लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़क निर्माण की योजना, गुणवत्ता और सुरक्षा जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।
6. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए के प्रावधान का प्रस्ताव है। पर्यटन स्थलों तक पहुंच, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के विकास के साथ होमस्टे और निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
7. राजनीतिक आंदोलन के नौ मामले: राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामलों को अदालत से वापस लेने के लिए आगे की कार्रवाई को मंजूरी दी गई।
8. कूंरा बनेगा कुंवरगढ़: रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
9. कोल गैसीफिकेशन में निवेश को प्रोत्साहन: औद्योगिक विकास नीति में संशोधन कर 1000 करोड़ रुपए या इससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया।
10. 295 किमी की रेल लाइन: कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल लाइन की अनुमानित लागत 8000 करोड़ रुपए है। परियोजना में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से करीब 1000-1000 करोड़ रुपए के योगदान का प्रावधान है।
11. पांच शहरों में सरकारी संपत्तियों का पुनर्विकास: दुर्ग, रामानुजगंज, जशपुर, सक्ती और धमतरी में सरकारी जमीनों तथा पुरानी इमारतों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसमें निजी कंपनियों की भागीदारी होगी।
12. गोदाम के लिए जमीन: राजनांदगांव जिले के खपरीकला गांव में केंद्रीय भंडारण निगम को गोदाम और भंडारण सुविधाओं के लिए 10 एकड़ जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
13. सोमनी में फल प्रसंस्करण केंद्र: राजनांदगांव जिले के सोमनी में 31.55 एकड़ जमीन पर करीब 400 करोड़ रुपए के निवेश से फल प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
14. सुशासन विभाग में नए पद: सुशासन एवं अभिसरण विभाग में आयुक्त या संचालक, अपर संचालक और विशेषज्ञ के एक-एक पद सृजित किए जाएंगे।
15. वन मुख्यालय में विशेष पद: नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के वन मुख्यालय में पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से संबंधित कार्यों के लिए एक वर्ष के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का अस्थायी पद बनाया जाएगा।
16. दिवंगत डॉक्टर के परिवार को पेंशन: डॉ. राकेश मोहन चंदोला की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया गया। पात्र परिवार को पेंशन, बकाया राशि और नियमानुसार ब्याज दिया जाएगा।
17. खेल विकास के लिए 100 करोड़: मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
18. औद्योगिक भूमि के नियमों में बदलाव: औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन से भूमि आवंटन की प्रक्रिया सरल बनाने, विवाद कम करने और खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा। ई-नीलामी के जरिए आवंटन में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
19. कृषक उन्नति योजना में नई व्यवस्था: खरीफ-2026 में धान की फसल पर सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर बीज, खाद, कृषि मशीनों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है।