आंध्र प्रदेश में रेलवे पुल डूबने से ट्रेनों की आवाजाही बंद, 15 राज्यों में बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड; मध्य प्रदेश के 12 जिलों में अलर्ट
जयपुर/लखनऊ/भोपाल/पटना (ए)। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब की रफ्तार भले ही कमजोर पड़ गई है, लेकिन इसका असर देश के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दोनों राज्यों में करीब छह लोगों की मौत होने की खबर है। ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण लगभग 300 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन हेलिकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। अब तक राज्य में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेलवे पुल पानी में डूबने से रेल यातायात रोक दिया गया है। दोनों दिशाओं से ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन सड़क मार्ग से यात्रियों को सुरक्षित निकालने की तैयारी कर रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ गए हैं। सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है।
15 राज्यों में बारिश का दौर, स्कूल भी बंद
चक्रवात का प्रभाव मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत करीब 15 राज्यों में देखा जा रहा है। बुधवार रात से कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक कुछ राज्यों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखे गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।

डीप डिप्रेशन में बदला चक्रवात
बताया गया है कि चक्रवात अर्नब मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। उस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इसके साथ कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, कमजोर पड़ने के बाद चक्रवात डीप डिप्रेशन में बदल गया है। गुरुवार सुबह तक इसके डिप्रेशन और शाम तक कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और तेज बहाव के कारण कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुरी में समुद्र की ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। तमिलनाडु के थूथुकुडी में खराब मौसम के कारण मछुआरे लगातार चौथे दिन समुद्र में नहीं उतरे।
मध्य प्रदेश के 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी
चक्रवात के असर से मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। बुधवार को सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को इसका प्रभाव बढ़ने की संभावना है। मौसम केंद्र ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा और ग्वालियर सहित 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की जानकारी है। वहीं, केदारनाथ और सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।