भिलाई से यूपी तक पुलिस ने बिछाया जाल, रात 3 बजे घेराबंदी कर पकड़े आरोपी; चोरी के जेवर खरीदने वाला ज्वेलर्स भी गिरफ्तार, मुख्य सरगना राहुल बंसोड़ फरार
भिलाई। वैशाली नगर क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में चोरी के जेवर खरीदने वाला ज्वेलर्स और वारदात के बाद आरोपियों को छिपाने तथा फरार होने में मदद करने वाले सहयोगी भी शामिल हैं। गिरोह का मुख्य सरगना राहुल बंसोड़ अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

पुलिस के अनुसार सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर को परिवार के साथ घर बंद कर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया। 23 अक्टूबर को वापस लौटने पर अलमारी से नकदी के साथ सोने, चांदी और हीरे के कीमती आभूषण गायब मिले। शिकायत पर वैशाली नगर थाने में अपराध क्रमांक 389/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की जांच महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर से होते हुए उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही तक पहुंची। जांच में राहुल बंसोड़ और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस ने उत्तरप्रदेश से प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर घर के कमरे के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाई गई नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए गए।
जांच में चोरी के जेवरों की खरीद-फरोख्त का भी खुलासा हुआ। आरोपियों ने भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर सोने के आभूषण बेचे थे। बताया गया कि ज्वेलर्स ने कुछ आभूषण अपनी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के साथ चोरी का माल खपाने में मदद करने वाले सुजीत सिंह को भी हिरासत में लिया।
चोरी की रकम से खरीदे वाहन और घरेलू सामान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी की रकम का इस्तेमाल निजी जरूरतों और संपत्ति खरीदने में किया। प्रदीप ने अपने घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाया तथा सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी। वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ ने चोरी की रकम से दिल्ली में सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि राहुल चोरी की नकदी और आभूषण परिजनों के पास रखने के बाद उन्हें लेकर फरार होने की तैयारी में है। इसके लिए इनोवा वाहन की व्यवस्था की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। तड़के करीब 3 बजे चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों और उनके सहयोगियों को पकड़ लिया गया।
47.64 लाख नकद समेत एक करोड़ का माल जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के बिस्किट, एक्सयूवी कार, सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, वारदात में इस्तेमाल इनोवा वाहन, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य करीब एक करोड़ रुपये आंका गया है।
पुलिस ने इस मामले में प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह, सोनू जायसवाल, रविंद्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।