– भगवान राम और कृष्ण की तुलना पर पूर्व सीएम की विवादित टिप्पणी, फेसबुक पोस्ट से बढ़ी सियासी गर्माहट
– मथुरा के संतों ने जताया विरोध, माफी की मांग के बाद कथावाचक ने जारी किया स्पष्टीकरण
– शास्त्री बोले- दोनों भगवान एक ही हैं, मेरी बात का गलत अर्थ निकाला गया
रायपुर। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी ने धार्मिक और राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर शास्त्री को घेरते हुए सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि कोई तो केमिकल लोचा है और उनकी रेबीज आदि की जांच कराना उचित होगा। बघेल की इस टिप्पणी के बाद विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री पर हिंदू देवी-देवताओं के प्रति उपहासपूर्ण टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि हिंदुत्व की बात करने वाले लोग इस मामले में चुप क्यों हैं और उनकी धार्मिक भावनाएं अब आहत क्यों नहीं हो रही हैं।
उधर, मथुरा के साधु-संतों ने भी शास्त्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। संतों का कहना है कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर इस तरह की तुलना उचित नहीं है। उन्होंने कथावाचक से माफी मांगने की मांग की है।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में कोई भेद नहीं है। दोनों एक ही हैं और उनका उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज के भक्त हैं तथा श्रीमद्भागवत कथा करते हैं। यदि उनकी व्याख्या से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं।
पुराने विवाद की भी आई याद
भूपेश बघेल और धीरेंद्र शास्त्री के बीच पहले भी तीखी बयानबाजी हो चुकी है। वर्ष 2025 में बघेल ने कथावाचक पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में शास्त्री ने कहा था कि यदि हिंदू समाज को एकजुट करना अंधविश्वास है तो ऐसे लोगों को देश छोड़ देना चाहिए। इसके बाद बघेल ने कहा था कि वे शास्त्री के जन्म से पहले से हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने उन्हें भाजपा का एजेंट भी करार दिया था।
शिवपुरी की कथा में कही थी तुलना वाली बात
विवाद की शुरुआत मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान हुई टिप्पणी से हुई। धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की शारीरिक मुद्राओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण की मुद्रा तीन जगह से टेढ़ी होती है, जबकि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन को लेकर भी तुलना की थी। इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विरोध शुरू हुआ। अब शास्त्री की सफाई और भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया के बाद मामला चर्चा में है।