मुरासु तूफान के प्रभाव से कई जिलों में अलर्ट, गरज-चमक के साथ 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं; जगदलपुर में सबसे अधिक 22 मिमी वर्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की स्थिति बन रही है। मंगलवार को राजधानी रायपुर में सुबह से ही बादलों का डेरा रहा। शाम को अचानक बारिश शुरू हो गई। कुछ देर हुई तेज बारिश के बाद शहर में धुंध और नमी का असर भी देखने को मिला।
मौसम विभाग ने बदलते मौसम को देखते हुए 3 नवंबर के लिए 19 जिलों और 4 नवंबर के लिए 15 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया है। विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।
ओंगोल तट से टकराने के बाद सक्रिय हुआ मौसमी प्रभाव
आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के तट से टकराने के बाद वहां मौसम में व्यापक बदलाव आया है। तूफान के दौरान हवा की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इसका असर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी बादल और बारिश के रूप में सामने आ रहा है।
राजधानी में 30 डिग्री के आसपास रहेगा पारा
मौसम विशेषज्ञों ने रायपुर में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना जताई है। गरज-चमक के साथ एक-दो दौर की बौछारें पड़ सकती हैं। राजधानी का अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जगदलपुर में बारिश, पेण्ड्रा रोड में सबसे कम तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई। जगदलपुर में सर्वाधिक 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में पेण्ड्रा रोड सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 16.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान और वातावरण की स्थिति प्रभावित हुई है।