पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर बनाया था आपत्तिजनक वीडियो, विरोध बढ़ने पर सोशल मीडिया से हटाकर मांगी माफी; भाजपा ने 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो पोस्ट करना जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को भारी पड़ गया। वीडियो में दोनों के मुखौटे लगाए किरदारों के माध्यम से सांकेतिक शादी और हनीमून के दृश्य दिखाए गए थे। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रायपुर के सिविल लाइंस थाने पहुंचकर अमित जोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में दोनों के मुखौटे पहने पात्रों को पहले शादी करते और फिर हनीमून के सांकेतिक दृश्यों में दिखाया गया। पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में विरोध शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
विवाद बढ़ा तो पोस्ट हटाकर जताया खेद
लगातार बढ़ते विरोध के बीच अमित जोगी ने विवादित वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। जोगी ने कहा कि जिस मुद्दे को उठाने के लिए वीडियो बनाया गया था, उसे अभिव्यक्त करने का दूसरा तरीका भी अपनाया जा सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी बात रखने के लिए खुद का मजाक बनाना अलग बात है, लेकिन किसी के निजी रिश्ते और व्यक्तिगत दायरे को व्यंग्य का विषय बनाना उचित नहीं है। जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे उन्होंने खेद जताया।
भाजपा ने दी 24 घंटे की मोहलत
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में देश के प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के किरदारों को बेडरूम के दृश्यों के साथ प्रस्तुत किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। मूणत के अनुसार, भाजपा ने केवल वीडियो पोस्ट करने वाले ही नहीं, बल्कि इसकी पटकथा तैयार करने वालों, कैमरामैन और इसमें अभिनय करने वाले लोगों के खिलाफ भी शिकायत की है। पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है।