पाटन और रानीतराई में भवन तैयार, कुम्हारी-पेंड्रावन में निर्माण जारी; स्मार्ट कक्षाओं, लैब और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं से लैस होंगे कॉलेज
दुर्ग। जिले में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में 9 कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए करीब 71.72 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इनमें दो कॉलेज भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कुम्हारी और पेंड्रावन समेत अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहा है। नए भवनों में आधुनिक कक्षाओं के साथ प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुरूप अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कुम्हारी-पेंड्रावन में 4.66-4.66 करोड़ से निर्माण
कुम्हारी और पेंड्रावन में शासकीय कॉलेजों के नए भवन तैयार किए जा रहे हैं। दोनों परियोजनाओं के लिए करीब 4.66-4.66 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भवन बनने के बाद इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
वैशाली नगर स्थित इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी अधोसंरचना विस्तार का काम चल रहा है। यहां 3.87 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय और छात्राओं के लिए अलग कक्ष विकसित किया जा रहा है।
उतई कॉलेज में बढ़ेगी कक्षाओं की क्षमता
शासकीय महाविद्यालय उतई में 1.12 करोड़ रुपए से पहली मंजिल पर 8 अतिरिक्त कमरे बनाए जा रहे हैं। अतिरिक्त कक्ष मिलने से विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक स्थान बढ़ेगा और कक्षाओं के संचालन में सुविधा होगी।
नगपुरा में निविदा प्रक्रिया, दुर्ग-रिसाली में जमीन की तैयारी
नगपुरा में नए शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण के लिए करीब 4.66 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं और फिलहाल परियोजना निविदा प्रक्रिया में है। वहीं दुर्ग में शासकीय संगीत महाविद्यालय और रिसाली में शासकीय महाविद्यालय भवन के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों भवनों के लिए 4.66-4.66 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं।
पाटन में 38.78 करोड़ की लागत से तैयार हुआ आधुनिक परिसर
जिले में पूर्ण हो चुके प्रमुख भवनों में पाटन का शासकीय चंदूलाल चंद्राकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय शामिल है। यहां करीब 38.78 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस, पुस्तकालय, इनडोर स्टेडियम और कर्मचारियों के आवास सहित विभिन्न निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं।
तीन मंजिला भवन में रसायन, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव औद्योगिक और सूक्ष्म जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। इसके साथ कक्षाएं, व्याख्यान कक्ष, सेमिनार हॉल, कंप्यूटर लैब, नवाचार के लिए अलग कक्ष, संग्रहालय और शिक्षकों के लिए कक्ष भी उपलब्ध कराए गए हैं।
रानीतराई में भी भवन तैयार
पाटन विकासखंड के रानीतराई में करीब 4.66 करोड़ रुपए की लागत से दो मंजिला कॉलेज भवन तैयार किया गया है। इसमें कक्षाओं के अलावा भौतिकी और रसायन प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, प्रशासनिक कक्ष और खुला आंगन बनाया गया है।
रैम्प और जलसंचयन की भी व्यवस्था
नए कॉलेज भवनों में दिव्यांग विद्यार्थियों और अन्य लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए रैम्प की व्यवस्था की गई है। बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने और भूजल स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए जलसंचयन की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से समय और आवागमन का खर्च बचने के साथ शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण भी तैयार होगा।