मुख्यमंत्री ने सिविल सेवकों को दी शुभकामनाएं, कहा— सुशासन, सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अतुलनीय
सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने वाले सभी सिविल सेवकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस दिन को आत्मचिंतन और नवचिंतन का अवसर बताते हुए सिविल सेवकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का मूल स्तंभ कहा।
रायपुर। राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश और प्रदेश की सेवा में संलग्न सभी सिविल सेवकों तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि यह विशेष दिन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक तंत्र में कार्यरत लोगों के समर्पण, परिश्रम और कुशलता को सम्मानित करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि सिविल सेवा प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ है, जो नीतियों को धरातल तक पहुँचाने का कार्य करती है। उन्होंने सिविल सेवकों को सुशासन और पारदर्शिता की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि उनकी निष्ठा और प्रतिबद्धता ही भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में सशक्त कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि सिविल सेवक सरकार और आम नागरिकों के बीच संवाद और क्रियान्वयन की अहम कड़ी होते हैं। उनकी दूरदृष्टि और समस्या-समाधान क्षमता ही प्रशासनिक तंत्र को प्रभावी बनाती है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सिविल सेवक भी अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सेवा भावना और कर्मठता के बल पर राज्य को सुशासन के नए आयामों तक ले जाएंगे। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपील की कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समर्पण भाव से कार्य करें और समाज को सकारात्मक दिशा देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।