सुशासन तिहार 2025 के तहत मुख्यमंत्री का अनपेक्षित दौरा, प्रशासनिक तैयारियों को बदलना पड़ा दिशा, ग्रामीणों को मिला समाधान का भरोसा
छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2025” के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक कार्यशैली से हटकर एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने सक्ती जिले के करिगांव गांव में अचानक पहुंचकर न सिर्फ ग्रामीणों को चौंकाया, बल्कि सीधे उनके बीच बैठकर समस्याएं भी सुनीं। मुख्यमंत्री की यह पहल शासन और जनता के बीच संवाद की एक सशक्त कड़ी बनकर उभरी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन की एक नई मिसाल उस समय देखने को मिली जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सक्ती जिले के करिगांव गांव में बिना पूर्व सूचना के पहुँचकर ग्रामीणों को आश्चर्यचकित कर दिया। “सुशासन तिहार 2025” के अंतर्गत आयोजित इस दौरे ने शासन-प्रशासन की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए सीधे जमीनी हकीकत से रूबरू होने की भावना को बल दिया।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पूर्व निर्धारित स्थल लिमगांव की बजाय अचानक बन्दोरा में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई। सभी तैयारियों को तत्काल करिगांव की ओर मोड़ना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने करिगांव में एक पीपल के पेड़ के नीचे ग्रामीण चौपाल लगाई, जहाँ वे खाट पर बैठकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते रहे। गाँव की महिलाओं ने कमल का फूल भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सुशासन का मतलब है जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और समयबद्ध समाधान देना। प्रशासन की सफलता इसी में है कि अंतिम व्यक्ति की आवाज शासन तक पहुँचे।”
मुख्यमंत्री द्वारा मौके पर ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश देना इस बात का प्रमाण था कि शासन अब कागज़ों से निकलकर धरातल पर सक्रिय हो रहा है।