बिना वैध वीजा भारत में अवैध रूप से रह रहे थे शाहीदा और रासेल, सालों से बदल चुके थे नाम — एसटीएफ ने सुपेला से गिरफ्तार कर उखाड़ी जड़
बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ कर वर्षों तक पहचान छुपाकर रहना, फर्जी दस्तावेज बनवाकर सिस्टम को धोखा देना — ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आया एक सच्चा मामला है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सुपेला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है, जो वर्षों से भारतीय नागरिक बनकर रह रहे थे।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की एसटीएफ ने दुर्ग जिले के सुपेला इलाके से फर्जी दस्तावेजों के सहारे सालों से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है। महिला का नाम शाहीदा खातून और पुरुष का नाम मोहम्मद रासेल शेख है, जो खुद को ‘ज्योति रासेल शेख’ और ‘रासेल शेख’ के नाम से प्रस्तुत कर रहे थे। दोनों ने आधार, पैन, वोटर ID और बैंक खातों जैसे दस्तावेज तैयार कर लिए थे।
एसटीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि सुपेला की कांट्रेक्टर कॉलोनी में विदेशी नागरिक नाम बदलकर रह रहे हैं। 16 मई को दबिश देकर टीम ने इन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में पहले उन्होंने खुद को पश्चिम बंगाल निवासी बताया, लेकिन जब दस्तावेजों की जांच हुई तो मामला खुल गया। असल में दोनों बांग्लादेश के जेस्सोर जिले के रहने वाले हैं और बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए थे।
जांच में सामने आया कि शाहीदा खातून वर्ष 2009 में भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर मुंबई पहुंची थी। वहां मजदूरी करते हुए उसकी मुलाकात रासेल शेख से हुई, फिर दोनों ने बांग्लादेश लौटकर शादी की और 2017 में वीजा लेकर भारत लौटे। लेकिन वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी दोनों यहीं रह गए। धीरे-धीरे उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारतीय नागरिक की तरह जीवन जीना शुरू कर दिया।
उनके द्वारा तैयार किए गए फर्जी दस्तावेजों में भिलाई का स्थानीय पता दर्शाया गया है, जिसके आधार पर उन्होंने बैंक खातों से लेकर मतदाता पहचान पत्र तक बनवा लिए थे। पुलिस के अनुसार, वे इंटरनेट कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से बांग्लादेश स्थित परिजनों से लगातार संपर्क में थे।
एसटीएफ द्वारा दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) के अतिरिक्त विदेशी नागरिक अधिनियम 1946, पासपोर्ट अधिनियम 1967 एवं पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 के तहत गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पूछताछ में जुटे साक्ष्यों के आधार पर 16 मई को दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी, निरीक्षक राजेश मिश्रा, निरीक्षक विजय यादव, सुपेला थाना प्रभारी, और एसटीएफ की टीम में शामिल रमेश सिन्हा, पंकज चतुर्वेदी और संतोष गुप्ता की अहम भूमिका रही।