4300 से अधिक एक्टिव केस, केरल में सबसे ज्यादा संक्रमण; हिमाचल में मास्क अनिवार्य, अस्पतालों में मॉक ड्रिल के आदेश
भारत में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 4302 एक्टिव केस सामने आए हैं। जनवरी 2025 से अब तक 44 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 37 मौतें सिर्फ पिछले 5 दिन में हुई हैं। सरकारें फिर से सतर्क हो गई हैं—हिमाचल प्रदेश में मास्क अनिवार्य कर दिए गए हैं, वहीं केरल में कोविड टेस्ट और मॉक ड्रिल अनिवार्य किए गए हैं।
नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की आहट सुनाई देने लगी है। नए वैरिएंट की वजह से देश में 4300 से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं। केरल, जहां सबसे ज्यादा 1373 एक्टिव केस हैं, ने एहतियात के तौर पर हॉस्पिटलों में मॉक ड्रिल और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों पर कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिए हैं। महाराष्ट्र 510 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है। दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी संक्रमण से मौतें हो रही हैं। अब तक 44 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 37 मौतें पिछले 5 दिनों में हुईं। हिमाचल प्रदेश में जैसे ही पहला केस सामने आया, सरकार ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए सभी अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया। इससे पहले गाजियाबाद और कर्नाटक में कोविड वार्ड और टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू की गई थी।
केंद्र सरकार ने जताई पूरी तैयारी:
केंद्रीय स्वास्थ्य और आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा है कि केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड, दवाइयों की उपलब्धता समेत सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा चुकी है। सभी राज्यों से नियमित संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर फील्ड ऐक्शन तेज किया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई चिंता:
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सरकार को चेताया है कि कोविड की अगली लहर पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। कोर्ट ने सैंपल कलेक्शन सेंटर और ट्रांसपोर्ट नीति पर रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट का कहना है कि 30 मई 2023 की बैठक के बाद लिए गए निर्णयों को लागू करने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।