जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता (EE) अजय कुमार को 2 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी जगदलपुर की वृंदावन कॉलोनी स्थित उनके सरकारी निवास से की गई।
अधिकारियों के अनुसार, अभियंता अजय कुमार ने एक ठेकेदार से बिल भुगतान के बदले 2 लाख रुपये की मांग की थी। ठेकेदार रमेश यादव ने इस संबंध में ACB से औपचारिक शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने एक योजनाबद्ध ऑपरेशन को अंजाम देते हुए रिश्वत लेते ही अभियंता को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुआ खुलासा: ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया। ठेकेदार द्वारा तयशुदा रकम जैसे ही EE को सौंपी गई, टीम ने तत्काल दबिश दी और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
जांच में जुटी टीम: गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम ने अभियंता के सरकारी आवास और कार्यालय में छानबीन शुरू की। दस्तावेजों, भुगतान से संबंधित फाइलों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस छानबीन में कुछ और चौंकाने वाले सबूत सामने आ सकते हैं।
DSP का बयान: जगदलपुर ACB के डीएसपी रमेश मरकाम ने बताया, “प्रार्थी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। EE अजय कुमार को बिल पास करने की एवज में 2 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है।”
बढ़ते सवाल: इस घटना के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या यह रिश्वत का पहला मामला था या एक लंबे समय से चल रही व्यवस्था का हिस्सा? ACB की जांच से आगे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।