मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल अधोसंरचना का व्यापक विकास, खिलाड़ियों को मिल रहा प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और पहचान
छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और सांस्कृतिक विविधता के लिए ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं की धरती के रूप में भी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने खेल क्षेत्र को प्राथमिकता दी है, जिससे खिलाड़ियों को न सिर्फ बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खेल विकास की दिशा में लंबी छलांग लगाई है। अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों को आर्थिक और मानसिक समर्थन तथा ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेल प्रतिभाओं को तराशने की योजनाओं ने प्रदेश को देश के खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।
राज्य के उभरते खिलाड़ी अब मैदान से मेडल तक की यात्रा बहुत तेजी से तय कर रहे हैं। बैडमिंटन स्टार आकर्षी कश्यप इसकी मिसाल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसी तरह बीसीसीआई ने राज्य की सुविधाओं को देखते हुए नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दिसंबर और जनवरी में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका व न्यूजीलैंड के मैच कराने की घोषणा की है।
राज्य सरकार ने ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार योजना लागू की है – स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत को 2 करोड़ और कांस्य को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शशांक सिंह, अमनदीप, रेणुका यादव जैसे खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ को खेलों में नई पहचान दी है।
खेलो इंडिया और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सहयोग से रायपुर की बालिका हॉकी और तीरंदाजी अकादमी में 80 खिलाड़ियों को मुफ्त आवास, भोजन और शिक्षा दी जा रही है। वहीं बिलासपुर के बहतराई केंद्र को “स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” का दर्जा मिला है, जहां 180 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिवतराई में 45 खिलाड़ी तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स और पैरा गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2024 में तमिलनाडु में हुए गेम्स में 7, जबकि 2025 में बिहार में 14 पदक जीते। नेशनल गेम्स में भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 25 और 16 पदक अर्जित किए।
खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में रायगढ़ और कुनकुरी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम, नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, और जिलेवार बहुउद्देशीय हॉल एवं सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण हो रहा है। 33 जिलों में खोले गए लघु खेल केंद्र ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने में सहायक बन रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रदेश में खेलों के प्रति जनमानस की रुचि को साबित किया है।
लंबे समय से लंबित खेल पुरस्कारों का वितरण कर राज्य सरकार ने 230 खिलाड़ियों को सम्मानित किया है। साथ ही, पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर उनके परिश्रम को सराहा गया। वर्ष 2024-25 में गुण्डाधुर और महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान देकर भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया गया।
छत्तीसगढ़ में अब खेल केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समग्र विकास की दिशा में सशक्त माध्यम बन चुका है। यह स्पष्ट संकेत है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक खेल परिदृश्य पर एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा।