विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग स्थल मधेश्वर में कांवर यात्रा की तैयारी का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है, सावन के पहले सोमवार को एक बार फिर शिवभक्तों से गुलजार होने वाला है। कांवर यात्रा के भव्य आयोजन के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है और जिला कलेक्टर स्वयं तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
जशपुर। सावन माह का पवित्र आरंभ जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़, जहां विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग स्थित है, भक्तिमय वातावरण में रंगने को तैयार हो रहा है। आगामी 14 जुलाई (सोमवार) को आयोजित होने वाली भव्य कांवर यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को किया।
कलेक्टर ने कुनकुरी विकासखंड के मयाली नेचर कैंप के समीप पहुंचकर यात्रा मार्ग, मेला स्थल, जल व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग और बेरिकेडिंग जैसे आवश्यक पहलुओं पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान वन मंडलाधिकारी शशि कुमार, कुनकुरी एसडीएम नन्दजी पाण्डेय, जनपद सीईओ राजीव नंदे, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि जैसे आप सब ने महाशिवपुराण कथा को सफलता दिलाई थी, वैसे ही श्रद्धा और समर्पण से इस कांवर यात्रा को भी सफल बनाना है। उन्होंने यात्रा मार्ग में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही प्रशासन द्वारा प्राकृतिक शिवलिंग के समीप एक विशाल नंदी महाराज और त्रिशूल की स्थापना की योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे यह स्थान और अधिक आकर्षक और धार्मिक रूप से समृद्ध बन सके।