शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, बघेल बोले – “अडानी मुद्दा उठाने से रोकने की साजिश”
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे “अडानी का मुद्दा दबाने की कोशिश” बताया। इस बीच, उनके बेटे चैतन्य को भी हिरासत में लिए जाने की अटकलें तेज हैं।
भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई में शुक्रवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। करीब 12 अधिकारियों की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ सुबह बघेल निवास पहुंची। यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। जानकारी है कि छापे के दौरान बघेल के बेटे चैतन्य को हिरासत में लिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

छापेमारी के दौरान ही भूपेश बघेल विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए पैदल रवाना हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा, “आज विधानसभा में अडानी द्वारा तमनार में की जा रही पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाना था। साहब ने पहले ही ईडी भेज दी।”
विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “पिछली बार मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजी गई थी, अब मेरे बेटे के जन्मदिन पर। मोदी और अमित शाह अपने मालिक को खुश करने के लिए यह करवा रहे हैं, लेकिन मैं न झुकूंगा, न डरूंगा।”


इधर कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लगातार जारी है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता ने व्यंग्य करते हुए कहा, “32 हजार का जग, 2 करोड़ के समोसे और 11 करोड़ के योगा जैसे आरोपों से जो खुद हास्य का पात्र बन चुके हैं, वे अब विपक्ष को चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं।”
पार्टी का कहना है कि विधानसभा में अडानी से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना थी, जिसे रोकने के लिए यह छापा डाला गया। छत्तीसगढ़ में इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष है और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र जिलेभर से अतिरिक्त बल बुलाया गया है।