दुलदुला के खटंगा गाँव में शासन की तीन योजनाओं से संवर रही ग्रामीणों की दुनिया, सुकून, सम्मान और सुविधा एक साथ मिली
जशपुर जिले के दूरस्थ गांवों में अब खुशहाली की तस्वीरें उभर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने न सिर्फ घर दिए, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन का भरोसा भी लौटाया है। ग्रामीण अब खुद को सरकार की मुख्यधारा से जुड़ा महसूस कर रहे हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का असर धरातल पर साफ नजर आने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में अब तक 74,346 पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों का जीवन पूरी तरह बदल गया है।
दुलदुला विकासखंड के खटंगा गांव की कहानी
इस बदलाव की बानगी खटंगा गांव में देखने को मिलती है। यहाँ रहने वाले सुरेशराम के परिवार ने बताया कि कभी जो कच्चे घर की दीवारों से डरते थे, आज वही पक्के मकान में चैन की नींद ले रहे हैं।
सुरेशराम की पत्नी सुमित्रा बाई कहती हैं, “बरसात हो या गर्मी, पहले हमेशा डर बना रहता था। कच्चा घर टपकता था, दीवारें गिरने का डर रहता था, ऊपर से साँप-बिच्छू का ख़तरा। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें एक नया जीवन दिया है। अब घर सुरक्षित है, साफ-सुथरा है और बच्चों को भी पढ़ाई का अच्छा माहौल मिल गया है।”
संगीता की मुस्कान में झलकता भविष्य
उनकी बेटी कुमारी संगीता अब पूरे आत्मविश्वास से बताती है कि अब वह निश्चिंत होकर पढ़ाई करती है। “पहले तो बरसात में किताबें भीग जाती थीं। अब पक्के घर में पढ़ाई का अलग ही आनंद है।”
संगीता को मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे उनके घर के छोटे-मोटे खर्च पूरे हो जाते हैं। “तेल, नमक, साबुन और स्कूल की कॉपियाँ भी उसी से आती हैं,” संगीता बताती है।
सरकारी योजनाओं से बदला जीवन
खटंगा गांव की यह कहानी बताती है कि यदि योजनाएँ सही तरीके से लागू हों, तो वे केवल सरकारी आँकड़े नहीं, बल्कि जनजीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री की मंशा है कि “आखिरी पंक्ति के व्यक्ति तक सरकार पहुँचे”, और जशपुर इसका उदाहरण बनता जा रहा है।