तीन साल पुराने मामले में सिविल लाइन थाना में केस दर्ज, डॉक्टर को मुनाफे का लालच देकर की गई ठगी, बाकी आरोपी फरार
राजधानी रायपुर में एक निजी क्लिनिक संचालित करने वाले डॉक्टर से शेयर बाजार में मुनाफा दिलाने के नाम पर चार लोगों ने मिलकर 1.5 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। तीन साल पुराने इस मामले में अब जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
रायपुर। शहर के शंकर नगर क्षेत्र निवासी डॉक्टर बी. बालाकृष्णा से शेयर ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर चार आरोपियों ने 1.5 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस घटना का खुलासा तीन साल बाद हुआ है, जब डॉक्टर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।
डॉ. बालाकृष्णा शंकर नगर स्थित एडवांस चेस्ट सेंटर नामक क्लिनिक का संचालन करते हैं। 2021 में उनकी मुलाकात मनोज चावला नामक व्यक्ति से हुई, जो सेल्स टैक्स इलाके का निवासी है। मनोज और उसके परिजनों का व्यवहार शुरुआती तौर पर विश्वसनीय लगा, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें अपने क्लिनिक के फार्मेसी और लैब सेक्शन की जिम्मेदारी भी सौंप दी।
डॉ. बालाकृष्णा ने बताया कि अस्पताल को और विस्तार देने के लिए उन्हें फंड की आवश्यकता थी। इसी दौरान मनोज चावला और उसके परिवार ने उन्हें बताया कि वे ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं, जिसमें निवेश करने पर अच्छा लाभ मिलेगा। भरोसे में लेकर उनसे कहा गया कि आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और मुनाफा आपस में बांट लिया जाएगा। इस भरोसे पर डॉक्टर ने चावला परिवार को कुल 1.5 करोड़ रुपये दे दिए।
2022 में जब डॉक्टर ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी पलट गए। बाद में एक समझौता कराया गया जिसमें डॉक्टर से कानूनी कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन लिया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पैसा नहीं लौटाया गया। आखिरकार, डॉक्टर ने पुलिस का रुख किया।
एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।