इस्कॉन टेंपल में तीन दिवसीय कार्यक्रम, राधाकृष्ण मंदिर में दुग्धाभिषेक, जैतूसाव मठ में भजन संध्या और राजभोग आरती की तैयारी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जन्माष्टमी का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शहर के मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। कहीं दुग्धाभिषेक के साथ पूजा आरंभ हुई तो कहीं ठाकुरजी के लिए 11 क्विंटल मालपुआ और पंजीरी का भोग तैयार किया गया। इधर इस्कॉन टेंपल में तीन दिन का जन्माष्टमी महोत्सव भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
रायपुर। कृष्ण जन्माष्टमी पर राजधानी रायपुर का धार्मिक माहौल भक्तिमय हो गया है। टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें कीर्तन, प्रवचन और विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
जैतूसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ का भोग
पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतूसाव मठ में भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 11 क्विंटल मालपुआ और 51 किलो पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। शनिवार रात 8 बजे से भजन संध्या होगी और ठीक मध्यरात्रि में जन्म आरती के साथ ठाकुरजी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। रविवार को दोपहर 1 बजे राजभोग आरती और शाम 5 बजे से भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

श्री राधाकृष्ण मंदिर में दुग्धाभिषेक
समता कॉलोनी स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी की शुरुआत सुबह दुग्धाभिषेक से हुई। यहां विशेष अनुष्ठान और भजनों की गूंज के बीच भक्तों ने कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया।
सिटी कोतवाली में होगी कारागार लीला
रायपुर के सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में भी खास कार्यक्रम होंगे। रात को सिटी कोतवाली परिसर में कारागार लीला का मंचन किया जाएगा। ठाकुरजी के जन्म के बाद वासुदेव टोकरी में उन्हें लेकर निकलेंगे और जयकारों के बीच गोपाल मंदिर पहुंचाया जाएगा।
दूधाधारी मठ में धनिया पंजीरी का प्रसाद
वहीं दूधाधारी मठ में प्रसाद स्वरूप धनिया पंजीरी तैयार की जा रही है। मठ के महंत डॉ. रामसुंदर दास समेत पुजारी और सेवक इस प्रसाद को बनाने में जुटे हैं।