धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी, कई किलोमीटर से दिखीं लपटें; कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों पर उठाए सवाल
भिलाई स्टील प्लांट में शुक्रवार रात बड़ा हादसा हुआ। ब्लास्ट फर्नेस-8 के डस्ट क्रिएटर के फटने से अचानक आग भड़क उठी। धमाका इतना तेज था कि आवाज दूर-दराज तक सुनाई दी और आग की लपटें कई किलोमीटर से दिखाई देने लगीं। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन संयंत्र को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
भिलाई। देश के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में शामिल भिलाई स्टील प्लांट में शुक्रवार की रात एक बड़ा हादसा टल गया। ब्लास्ट फर्नेस-8 के डस्ट क्रिएटर में विस्फोट होने से आग लग गई। धमाके की गूंज पूरे इलाके में सुनाई दी और रात का आसमान आग की लपटों से लाल हो गया।

घंटों की मशक्कत के बाद बुझाई गई आग
धमाके के बाद ब्लास्ट फर्नेस के आसपास का क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। प्लांट के स्टोर और अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए। तत्काल प्लांट की 4–5 फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई, लेकिन संयंत्र को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
भिलाई स्टील प्लांट में हादसों का इतिहास रहा है। वर्ष 2014 और 2018 में गैस पाइपलाइन लीक और ब्लास्ट की घटनाओं में कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
कर्मचारियों ने उठाए सवाल
कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ब्लास्ट फर्नेस जैसे संवेदनशील हिस्सों में उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजाम और नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी है। कर्मचारियों का आरोप है कि चेतावनी देने के बावजूद प्रबंधन सुरक्षा उपकरणों और निगरानी में लापरवाही बरतता है।
प्रबंधन का दावा
वहीं, संयंत्र प्रबंधन ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।