आज तृतीया तिथि के बाद चतुर्थी, भक्त करेंगे देवी-गणेश की आराधना, रात 8:18 बजे से लगेगी भद्रा, लाल वस्त्र धारण करना होगा शुभ
शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन (गुरुवार, 25 सितंबर 2025) विशेष महत्व लिए हुए है। इस बार तृतीया तिथि दो दिन होने से आज भी मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। साथ ही आश्विन मास की विनायक चतुर्थी का व्रत भी है, जिसमें भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। पंडितों के अनुसार, आज दिनभर के अलग-अलग मुहूर्त और रात में लगने वाली भद्रा का ध्यान रखना आवश्यक है।
शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन आज मां चंद्रघंटा की आराधना के साथ विनायक चतुर्थी व्रत को समर्पित है। तृतीया तिथि सुबह 7:06 बजे तक रहने के बाद चतुर्थी प्रारंभ हो गई है। आज मां दुर्गा के साथ उनके पुत्र गणेश जी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गणेश पूजन करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
विनायक चतुर्थी पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजे से शुरू होगा। परंपरा के अनुसार, इस दिन चंद्र दर्शन वर्जित है, अन्यथा झूठे कलंक का भय रहता है। वहीं, नवरात्रि उपासना में देवी मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है। भक्त ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’, ‘ऐं श्रीं शक्त्यै नमः’ और दुर्गा स्तुति का जाप कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज रात 8:18 बजे से भद्रा लग रही है, जो कल सुबह 6:11 बजे तक रहेगी। यह भद्रा पाताल लोक की मानी जा रही है, जिसे अशुभ नहीं माना जाता, लेकिन शुभ कार्य इससे बचकर ही किए जाते हैं। आज का राहुकाल दोपहर 1:43 से 3:13 बजे तक रहेगा।
नवरात्रि की पूजा में वस्त्रों का भी विशेष महत्व है। मां चंद्रघंटा को लाल रंग प्रिय होने से आज भक्तों को लाल रंग की चुनरी और वस्त्र अर्पित करने चाहिए। वहीं राशि अनुसार अलग-अलग रंग पहनने से भी शुभता प्राप्त होती है। उदाहरणस्वरूप, मेष और सिंह राशि वालों को लाल और पीला रंग पहनना चाहिए, वृषभ को गुलाबी-सफेद और कन्या राशि को हरे वस्त्र धारण करना लाभकारी रहेगा।
आज का दिन नवरात्रि की भक्ति, गणेश पूजन और देवी आराधना से शुभ फल प्राप्त करने का अद्भुत संयोग लेकर आया है।