- ट्रम्प बोले – मोनाको भ्रष्ट और ट्रम्प विरोधी, माइक्रोसॉफ्ट को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए
- पूर्व ओबामा सलाहकार रह चुकी हैं मोनाको, बाइडन सरकार में भी निभाई अहम भूमिका
- कॉरपोरेट जगत पर दबाव डालने की ट्रम्प की यह पहली कोशिश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने माइक्रोसॉफ्ट की ग्लोबल अफेयर्स प्रेसिडेंट लिसा मोनाको को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मोनाको को “भ्रष्ट, ट्रम्प विरोधी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा” बताते हुए उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की।
वाशिंगटन (ए)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। इस बार निशाने पर हैं माइक्रोसॉफ्ट की ग्लोबल अफेयर्स प्रेसिडेंट लिसा मोनाको। शुक्रवार को ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर मोनाको को भ्रष्ट, पक्षपाती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक करार दिया।
ट्रम्प ने लिखा कि माइक्रोसॉफ्ट का अमेरिकी सरकार के साथ अरबों डॉलर का रिश्ता और बड़े कॉन्ट्रैक्ट हैं। ऐसे में मोनाको का इतने संवेदनशील पद पर बने रहना अमेरिका के लिए जोखिम है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में मोनाको से उनकी सभी सुरक्षा मंजूरियां (सिक्योरिटी क्लीयरेंस) छीनी जा चुकी हैं और उन्हें खुफिया सूचनाओं तक पहुंच से रोक दिया गया है। इतना ही नहीं, उनके फेडरल प्रॉपर्टी में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
राष्ट्रपति का साफ कहना है – “माइक्रोसॉफ्ट को लिसा मोनाको को तुरंत नौकरी से निकाल देना चाहिए।” हालांकि कंपनी ने अब तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कौन हैं लिसा मोनाको?
रॉयटर्स के मुताबिक, लिसा मोनाको ने जुलाई में माइक्रोसॉफ्ट जॉइन किया और कंपनी के वैश्विक सरकारी संबंधों की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह बराक ओबामा प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुकी हैं। वहीं, जो बाइडन की सरकार में डिप्टी अटॉर्नी जनरल के तौर पर 6 जनवरी को कैपिटल हमले के बाद की कार्रवाई में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
ट्रम्प का आरोप है कि बाइडन प्रशासन में मोनाको ने उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयों में हिस्सा लिया, इसलिए उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े और संवेदनशील पद पर नहीं होना चाहिए।
विरोधियों को निशाना बनाने की ट्रम्प की आदत
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने किसी विरोधी को हटाने की मांग उठाई हो। व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से वह लगातार विरोधियों पर हमलावर रहे हैं। कभी पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन को निशाना बनाया, तो कभी डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ को। इसके अलावा, उन्होंने इंटेल के CEO और डिज्नी के एबीसी चैनल तक को दबाव में लेने की कोशिश की।
माइक्रोसॉफ्ट और अमेरिकी सरकार का रिश्ता
माइक्रोसॉफ्ट का अमेरिकी सरकार के साथ गहरा ताल्लुक है। कंपनी कई अहम सरकारी एजेंसियों को सेवाएं देती है और अरबों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट उसके पास हैं। हाल ही में कंपनी के CEO सत्या नडेला भी ट्रम्प और अन्य टेक लीडर्स के साथ व्हाइट हाउस में डिनर में शामिल हुए थे।
कंपनी पहले भी सुर्खियों में रही थी जब उसने इजरायल की सेना की एक इकाई को क्लाउड सर्विसेज देने से इंकार कर दिया था। ट्रम्प का ताजा हमला कॉरपोरेट और राजनीति के बीच फिर से तनातनी को उजागर करता है।