मराठवाड़ा में 104 लोगों की मौत, 1500 से अधिक पुल और हजारों सड़कें क्षतिग्रस्त; 15 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून
गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वडोदरा में गरबा पंडाल ढह गए और स्टेट हाईवे डूब गया। इधर, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के 3 हजार से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक 104 लोगों की मौत हो चुकी है।
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। गुजरात में बुधवार को तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश से वलसाड और नवसारी में कई घरों को नुकसान पहुंचा। द्वारका जिले में कल्याणपुर-पोरबंदर स्टेट हाईवे डूब गया। कल्याणपुर में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। वहीं वडोदरा में गरबा पंडाल ढहने से अफरातफरी मच गई।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में हालात और ज्यादा गंभीर हैं। यहां नांदेड़, संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, जालना, धाराशिव, परभणी और लातूर जिलों के 3,050 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 1 जून से 29 सितंबर के बीच बारिश-बाढ़ से 104 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले नांदेड़ में 28 मौतें हुई हैं।
बाढ़ ने मराठवाड़ा की सड़कों और इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। 2,701 किलोमीटर सड़कें बह गईं और 1,504 पुल क्षतिग्रस्त हो गए। 1,064 स्कूल, 352 केंद्र और 58 सरकारी इमारतें भी प्रभावित हुईं। इन हालातों को देखते हुए महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं कक्षा के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की विदाई सामान्य समय के अनुसार 15 अक्टूबर तक हो जाएगी। पिछले साल भी मानसून इसी तारीख को विदा हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी कई इलाकों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।