छत्तीसगढ़ में आज सुबह एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीमों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब और DMF घोटाले से जुड़े मामलों में 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस ऑपरेशन में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास और उनसे जुड़े परिसरों को टारगेट किया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तड़के शुरू हुए एसीबी–ईओडब्ल्यू के मेगा ऑपरेशन ने प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे टीमों ने रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव और भिलाई सहित विभिन्न शहरों में एक साथ रेड की। यह कार्रवाई शराब घोटाले और जिला खनिज निधि (DMF) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण फाइलें, बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, कम्प्यूटर सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कब्जे में लिए गए हैं। इन्हें खंगाला जा रहा है ताकि कथित भ्रष्टाचार के पैटर्न और नेटवर्क का खुलासा हो सके।

टीमें रायपुर में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के आवास सहित उनसे जुड़े परिसरों पर मौजूद हैं। वहीं भिलाई में उनके बेटे के घर भी ईओडब्ल्यू की टीम सुबह करीब 5 बजे पहुंची, जहां छह वाहनों में आए अधिकारी तलाशी अभियान चला रहे हैं।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से घोटाले की कई परतें खुल सकती हैं और आने वाले समय में बड़े खुलासे संभव हैं।