160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में भी नहीं छलकेगी चाय, AC1 में गर्म पानी से शावर सहित टच-फ्री टॉयलेट, हाई-टेक सुरक्षा और 827 बर्थ की सुविधा
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अब वास्तविकता बनने जा रही है। दिसंबर में पटना से दिल्ली के बीच दौड़ने वाली यह हाई-टेक ट्रेन न सिर्फ राजधानी एक्सप्रेस का विकल्प बनेगी, बल्कि यात्रियों को लग्जरी होटल जैसा अनुभव भी देगी। तेज रफ्तार, अत्याधुनिक सुरक्षा और प्रीमियम सुविधाओं के साथ यह ट्रेन पटना–दिल्ली का सफर 8 घंटे में पूरा करेगी।
पटना (ए)। देश को पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन मिलने जा रही है और इसकी शुरुआत पटना–नई दिल्ली रूट से होगी। तेजस जैसी रफ्तार, राजधानी जैसा आराम और वंदे भारत की अत्याधुनिक तकनीक—इन तीनों का संगम मानी जा रही यह ट्रेन इस महीने ट्रैक पर उतरने को तैयार है। दावा है कि 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर भी कप में रखी चाय नहीं छलकेगी।
बेंगलुरु की बीईएमएल फैक्ट्री में इसके दो रैक तैयार किए जा रहे हैं। पहला रैक 12 दिसंबर को भेजा जा रहा है, जिसके बाद पटना–दिल्ली रूट पर इसका ट्रायल रन होगा। रेलवे की योजना है कि नए साल से पहले यह ट्रेन अपनी पहली यात्रा शुरू कर दे।
16 कोच, 827 बर्थ—पूरी तरह प्रीमियम स्लीपर अनुभव
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे—AC3 के 11, AC2 के 4 और AC1 का 1 कोच। कुल 827 बर्थ वाली इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस के आसपास रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बोगियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। पटना से शाम को खुलकर सुबह दिल्ली पहुंचेगी और इसी पैटर्न पर दिल्ली से पटना की ओर चलेगी। यह ट्रेन 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी और जरूरत पड़ने पर 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति हासिल कर सकती है।
फ्लाइट और फाइव-स्टार होटल जैसा इंटीरियर
यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव दिलाने के लिए ट्रेन के अंदरूनी हिस्से को प्रीमियम लुक दिया गया है। सुविधाएं इस प्रकार—
USB इंटीग्रेटेड रीडिंग लैंप: रात में पढ़ने वाले यात्रियों के लिए अलग रोशनी
- रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम
- Wi-Fi और इंफोटेनमेंट यूनिट
- मॉड्यूलर पैंट्री से ताजा भोजन
- टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट
- AC1 में गर्म पानी के शावर
- ऊपरी बर्थ के लिए एर्गोनोमिक सीढ़ियां
- दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए PRM-फ्रेंडली बर्थ
- KAVACH समेत हाई-टेक सुरक्षा
यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं—
- KAVACH एंटी-कोलिजन टेक्नोलॉजी
- इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट्स
- पूरी तरह सील गैंगवे
- ऑटोमैटिक प्लग डोर
- हर कोच में CCTV सर्विलांस
पटना–दिल्ली रूट पर पहले से चल रहीं प्रीमियम ट्रेनें
इस रूट पर फिलहाल राजधानी, तेजस, हमसफ़र और गरीब रथ जैसी प्रीमियम ट्रेनें चल रही हैं, जो लगभग 12 से 14 घंटे में यात्रा पूरी करती हैं। दूसरी ओर, नई वंदे भारत स्लीपर इस यात्रा को करीब 8 घंटे में निपटाएगी, जिससे यह सबसे तेज और आरामदायक विकल्प बन जाएगी।