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₹1 करोड़ की बीमा राशि के लिए रची मौत की साजिश
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जली कार में मिला शव, परिवार ने माना गणेश की मौत
महाराष्ट्र के लातूर जिले में बीमा राशि हड़पने के लिए एक शख्स ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली साजिश रच डाली। बैंक रिकवरी एजेंट ने ₹1 करोड़ की जीवन बीमा पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए खुद की मौत का नाटक किया और एक अजनबी को कार में जिंदा जला दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को सिंधुदुर्ग से गिरफ्तार किया है।
मुंबई (ए)। लातूर जिले के औसा तालुका में रविवार देर रात एक जली हुई कार मिलने से हड़कंप मच गया। वनवाड़ा रोड पर खड़ी कार में आग लगी हुई थी और भीतर एक पूरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में शव की पहचान बैंक रिकवरी एजेंट गणेश चव्हाण के रूप में की गई, क्योंकि वही उस कार का इस्तेमाल करता था। परिजन भी उसे हादसे में मृत मान बैठे।
हालांकि, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी में चौंकाने वाले मोड़ आने लगे। पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे के अनुसार, कुछ तथ्य घटनाक्रम से मेल नहीं खा रहे थे। इसी दौरान खुलासा हुआ कि गणेश चव्हाण घटना के बाद भी अपनी गर्लफ्रेंड से दूसरे मोबाइल नंबर से संपर्क में था।
महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को पुख्ता संकेत मिले कि गणेश जिंदा है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी के मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया और उसे कोल्हापुर होते हुए सिंधुदुर्ग जिले के विजयदुर्ग से हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में गणेश चव्हाण ने कबूल किया कि उसने ₹1 करोड़ की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी और भारी होम लोन से छुटकारा पाने के लिए अपनी मौत का नाटक करने की योजना बनाई थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने एक निर्दोष अजनबी की जान ले ली।
आरोपी ने औसा के तुलजापुर टी-जंक्शन पर गोविंद यादव नामक व्यक्ति को लिफ्ट दी। यादव नशे की हालत में था, जिसका फायदा उठाकर गणेश उसे ढाबे पर ले गया। बाद में वनवाड़ा रोड पर कार रोककर यादव को खाने के बाद सुला दिया गया।
इसके बाद आरोपी ने उसे जबरन ड्राइविंग सीट पर बैठाया, सीट बेल्ट लगाई और कार के भीतर माचिस की तीलियां व प्लास्टिक की थैलियां रखकर आग लगा दी। पहचान को भ्रमित करने के लिए उसने अपना ब्रेसलेट भी शव के पास छोड़ दिया।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में हत्या और साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है।