प्रश्नकाल में बिजली कटौती, योजना के क्रियान्वयन और अवैध खनन पर सवाल; सत्ता पक्ष–विपक्ष आमने-सामने
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन का माहौल गरम रहने के आसार हैं। ऊर्जा, महतारी वंदन योजना और खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर आज सरकार की कड़ी परीक्षा होगी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के विधायक इन विषयों पर सरकार से सीधे जवाब मांगेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान ऊर्जा विभाग, महतारी वंदन योजना और खनिज संसाधनों से जुड़े अहम मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहेंगे। विपक्ष जहां सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा, वहीं सत्ता पक्ष अपने फैसलों और योजनाओं का बचाव करेगा।
ऊर्जा विभाग पर रहेगी नजर
बिजली आपूर्ति, ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफॉर्मरों की कमी, लाइन लॉस और नई ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर सरकार से सवाल पूछे जाएंगे। विपक्ष बिजली दरों में बढ़ोतरी, कटौती और बुनियादी ढांचे की खामियों को लेकर सरकार पर हमला बोल सकता है, जबकि सरकार सुधार और विस्तार योजनाओं का ब्योरा पेश करेगी।
महतारी वंदन योजना पर घमासान
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली महतारी वंदन योजना को लेकर भी सदन में तीखी बहस की संभावना है। भुगतान में देरी, पात्रता को लेकर शिकायतें और लाभार्थियों की वास्तविक संख्या जैसे मुद्दों पर कांग्रेस विधायक सवाल खड़े करेंगे। सरकार इसे महिला सशक्तीकरण की बड़ी योजना बताते हुए अपनी उपलब्धियां गिनाएगी।
खनिज संसाधनों पर पारदर्शिता का सवाल
खनन पट्टों के आवंटन, रॉयल्टी वसूली, अवैध खनन और स्थानीय लोगों को रोजगार से जुड़े विषय भी आज के एजेंडे में शामिल हैं। विपक्ष खनिज राजस्व में पारदर्शिता और नियंत्रण को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है।
हंगामे के पूरे आसार
नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में चल रहे इस पेपरलेस सत्र का दूसरा दिन पहले दिन की तुलना में ज्यादा राजनीतिक गर्मी लिए रहेगा। पहले दिन विजन–2047 पर चर्चा और विपक्ष के बहिष्कार के चलते माहौल अपेक्षाकृत शांत रहा था। आज प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के आमने-सामने आने से सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, जहां सरकार की नीतियों और दावों की कड़ी परीक्षा होगी।