लोकसभा में आज प्रदूषण पर भी चर्चा, प्रियंका गांधी करेंगी शुरुआत; विपक्ष की मांग—बिल को भेजा जाए स्थायी समिति को
नए ग्रामीण रोजगार विधेयक VB-G-RAM-G को लेकर संसद के भीतर और बाहर सियासी टकराव तेज हो गया है। बुधवार को लोकसभा में इस बिल पर देर रात तक चली लंबी बहस के बाद गुरुवार को विपक्षी दलों ने संसद परिसर में मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
नई दिल्ली (ए)। ग्रामीण रोजगार से जुड़े प्रस्तावित VB-G-RAM-G बिल के खिलाफ गुरुवार को विपक्षी दलों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में विपक्ष के 50 से अधिक सांसद शामिल हुए और सरकार से विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक 20 वर्षों से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREG एक्ट) की मूल भावना को कमजोर करता है।
इससे पहले बुधवार को लोकसभा में VB-G-RAM-G बिल पर करीब 14 घंटे तक गहन चर्चा हुई। कार्यवाही रात 1:35 बजे तक चली, जिसमें कुल 98 सांसदों ने भाग लिया। बहस के दौरान विपक्ष ने बिल को जल्दबाजी में लाया गया बताते हुए इसे संसदीय स्थायी समिति को भेजने की मांग की।
गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सदन में बहस का जवाब देंगे। सरकार का पक्ष रखते हुए उनके द्वारा विधेयक के उद्देश्यों और प्रावधानों को स्पष्ट किए जाने की संभावना है। इधर, लोकसभा में गुरुवार को एक अन्य महत्वपूर्ण विषय—देश में बढ़ते प्रदूषण—पर भी चर्चा प्रस्तावित है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा इस चर्चा की शुरुआत कर सकती हैं, जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव शाम करीब 5 बजे सरकार का जवाब देंगे।
संसद की बुधवार की कार्रवाई की प्रमुख बातें:
▪ हजारों सरकारी स्कूलों में शून्य नामांकन
शिक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि देश के 10.13 लाख सरकारी स्कूलों में से 5,149 स्कूलों में एक भी छात्र नामांकित नहीं है। 2024-25 शैक्षणिक सत्र में शून्य नामांकन वाले इन स्कूलों में से 70 प्रतिशत से अधिक तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में हैं। वहीं, शून्य या 10 से कम छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में बीते दो वर्षों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
▪ 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने लोकसभा में बताया कि कानून के विरुद्ध कंटेंट प्रसारित करने वाले 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच देशभर में ब्लॉक कर दी गई है। यह कार्रवाई संबंधित कानूनों के उल्लंघन के चलते की गई।