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कांग्रेस स्थापना दिवस कार्यक्रम में राहुल-दिग्विजय आमने-सामने
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मोदी-आडवाणी की पुरानी तस्वीर शेयर करने से उठा विवाद
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पार्टी के भीतर नाराज़गी, खड़गे और पवन खेड़ा के संकेत
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दिग्विजय बोले– RSS की विचारधारा का विरोधी हूं
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भाजपा ने कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों पर कसा तंज
नई दिल्ली में कांग्रेस स्थापना दिवस समारोह के दौरान पार्टी के भीतर वैचारिक असहजता उस वक्त सामने आ गई, जब RSS और भाजपा को लेकर की गई टिप्पणी पर राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को सार्वजनिक रूप से टोक दिया। यह मामला सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पुरानी तस्वीर से जुड़ा है, जिसने कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में सियासी हलचल बढ़ा दी।
नई दिल्ली (ए)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS और भाजपा को लेकर की गई टिप्पणी के चलते मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को नसीहत दी है। रविवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह से हाथ मिलाते हुए राहुल गांधी ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “कल आपने गलत व्यवहार कर दिया।” इस टिप्पणी पर वहां मौजूद नेता ठहाके लगाने लगे। मंच के पास मौजूद सोनिया गांधी भी मुस्कुराती नजर आईं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत हुई।
दरअसल, 27 दिसंबर को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे दिखते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी उनके सामने जमीन पर बैठे हैं। इस तस्वीर के साथ दिग्विजय ने RSS और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे की प्रशंसा करते हुए इसे ‘संगठन की ताकत’ बताया था।
दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट के बाद कांग्रेस के भीतर ही तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्थापना दिवस के मंच से दिग्विजय का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस ने कभी संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता नहीं किया। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस ने न तो धर्म के नाम पर राजनीति की और न ही समाज को मंदिर-मस्जिद के आधार पर बांटा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस को गोडसे की विचारधारा से जुड़े किसी संगठन से सीख लेने की आवश्यकता नहीं है। वहीं सांसद मणिक्कम टैगोर ने RSS की तुलना नफरत फैलाने वाले संगठनों से करते हुए कहा कि ऐसे संगठनों से कुछ भी सकारात्मक नहीं सीखा जा सकता।
विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने केवल संगठनात्मक क्षमता की बात की थी, न कि विचारधारा की। ANI से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे RSS, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों के घोर विरोधी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर वैचारिक एकता है और भाजपा जानबूझकर नेहरू-गांधी परिवार को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
इधर, भाजपा ने दिग्विजय सिंह के बयान को कांग्रेस की वैचारिक उलझन का उदाहरण बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि RSS वर्षों से सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर रहा है और अब उसके आलोचक भी इसकी ताकत को स्वीकार करने लगे हैं। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब भी परिवारवाद से बाहर नहीं निकल पाई है, जबकि RSS कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे बढ़ने का अवसर देता है।