लो-शुगर और दिमागी बीमारी से जूझ रहे कैदी विनय प्रताप ने तोड़ा दम, जेल प्रशासन ने आनन-फानन में कराया था अस्पताल में भर्ती
दुर्ग जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे एक कैदी की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक कैदी की पहचान विनय प्रताप सिंह के रूप में हुई है जो पिछले तीन सालों से जेल की सलाखों के पीछे बंद था। जानकारी के मुताबिक मोहन नगर थाना क्षेत्र के एक हत्या के मामले में वह मार्च 2023 से जेल में निरुद्ध था और अभी महज दो महीने पहले यानी 28 नवंबर 2025 को ही उसे न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। सजा मिलने के कुछ ही समय बाद कैदी की मौत से जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार कैदी विनय प्रताप सिंह लंबे समय से लो-शुगर और गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित था जिसके चलते जेल के अस्पताल में उसका लगातार उपचार किया जा रहा था। बीते दिन अचानक उसकी तबीयत बेहद नाजुक हो गई और शरीर में शुगर का स्तर गिरने की वजह से वह अचेत होने लगा। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल एंबुलेंस के जरिए रायपुर रेफर करने का आदेश दिया जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसे भर्ती कराया गया था। हालांकि इलाज के तमाम प्रयासों के बाद भी आज सुबह उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और अस्पताल से मौत की पुष्टि की गई।
कैदी की मौत की खबर मिलते ही जेल प्रशासन ने नियमानुसार पुलिस और उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है और अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जेल प्रबंधन का दावा है कि कैदी के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद जेल के भीतर सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और विभाग आगे की वैधानिक कार्यवाही में जुटा हुआ है।